पीलीभीत। कुतुब ए पीलीभीत हजरत अलहाज शाहजी मोहम्मद शेर मियां के 116वें उर्स में बृहस्पतिवार को कुल के दौरान जन सैलाब उमड़ पड़ा। शहर की सड़कों पर भीड़ होने से कई जगह जाम लगा रहा। दरगाह कमेटी की ओर से दूसरों की भलाई और बेहतरी का पैगाम दिया गया। उर्स के चलते बृहस्पतिवार को सरकारी दफ्तरों और स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी रही।
बृहस्पतिवार को दिन निकलने के साथ दूसरे प्रांतों से आने वाले जायरीन के दरगाह पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। धीरे-धीरे जायरीन की भीड़ जन सैलाब में नजर आने लगी। उर्स में सुबह कुरान ख्वानी हुई। पूर्वाह्न करीब 11 बजे बड़े कुल शरीफ की रस्म नात ओ मनकबत के साथ शुरू हुई। दरगाह की परंपरागत मीलाद हुई। कलाम पेश किए गए। इसके बाद शिजरा पढ़ा गया। दरबार ए शेरिया के सज्जादानशीन हजरत मुन्ने मियां शेरी ने कहा कि अल्लाह तआला अपने बंदों से कहता है कि तुम मेरा जिक्र करो, मैं तुम्हारी फिक्र करूंगा। नबियों और वलियों से यही पैगाम हम तक पहुंचा है, इसलिए अल्लाह का जिक्र करते रहो इसी में भलाई है। इसी में तरक्की और कामयाबी है। उन्होंने कहा कि शाहजी मियां हुजूर का भी यही पैगाम रहा। इस मौके पर मौलाना अनवार शेरी, मौलाना कारी तहसीन, मौलाना बजाहत मियां, मुफ्ती हसन मियां कदीरी, मौलाना उस्मान कदीरी, मुफ्ती साजिद हसनी कादरी, मुफ्ती नूर मोहम्मद हसनी, मौलाना खुर्शीद बरकाती, दानिश मियां कदीरी, मंसूर शम्सी, मौलाना इरशाद कदीरी, कारी अमानत रसूल, मौलाना साजिद रजा आदि ने तकरीर की। इस दौरान बड़ी तादाद में जायरीन ने दरगाह शरीफ पर हाजिरी देकर शाहजी मियां को खिराजे अकीदत पेश की।
मामू मियां के मजार पर भी हुआ कुल
शाहजी बाबा के मामू हजरत नेमतुल्ला शाह मियां की दरगाह पर दोपहर एक बजे कुल शरीफ हुआ। यहां भी बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की।
चादरपोशी का सिलसिला रहा जारी
शाहजी बाबा के उर्स ए पाक में ऑल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्लामा सय्यद मोहम्मद अशरफ मियां किछौछा शरीफ की ओर से इस्लामिक स्कालर मुफ्ती साजिद हसनी ने दरगाह शरीफ पर फूलों की चादर पेश की। ऑल इंडिया तहरीक तहफ्फुज सुन्नियत बरेली की ओर मीनू बरकाती ने फूलों की चादर पेश की।
जायरीन से पटीं शहर की सड़कें
शहर में बृहस्पतिवार सुबह दरबार ए शेरिया की ओर जाने वाले सभी रास्ते कुल शरीफ शुरू होने से करीब एक घंटा पहले ही खचाखच भर गए। कुलशरीफ शुरू होते ही जिसे जहां तक पहुंच मिला वहीं ठहर गया।
जगह-जगह हुई कुल की रस्म
शाहजी मियां के कुलशरीफ की रस्म अदा होने के बाद शहर की गली-गली में फातेहा दिलाई गई। अकीदतमंदों ने मिठाई, हलवा आदि बांटा। दरगाह के अलावा अन्य जगहों पर भी अकीदतमंदों ने फातेहा की और लंगर बांटा।
अगर पाना है शाहजी मियां का फैजान तो करें मां की खिदमत
पीलीभीत। 116वें उसे ए शाहजी मियां रहमातुल्ला अलैह के मौके पर खानकाह नसीरिया शेरिया में ऑल इंडिया उलेमा मशाईख बोर्ड की ओर से बुधवार रात एक कांफ्रेंस हुई। सरपरस्ती शहजादा ए नसीरे मिल्लत हजरत मौलाना बजाहत मियां शेरी की रही। अध्यक्षता मुस्लिम धर्म गुरु इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती साजिद हसनी कादरी ने की।
कांफ्रेंस में इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती साजिद हसनी ने कुतबे पीलीभीत हुजूर शाहजी मोहम्मद शेर मियां ने बताया कि आला हजरत फाजिले बरेलवी और हुजूर शाहजी मियां हमेशा एक-दूसरे की बड़ी इज्जत और ऐहतराम किया करते थे। रात में अपनी मां और दिन में अपने पीरो मुर्शिद की खिदमत किया करते थे। अरशद खान अर्श शेरी ने कहा कि हुजूर शाहजी मियां को शेरे मुस्तफा का खिताब मिला। लोग शाहजी मियां का फैजान पाने को अपनी मां की खिदमत करें। इस दौरान अरशद खान अर्श शेरी द्वारा लिखी गई पुस्तक सबान-ए-शेरे मुस्तफा और मुफ्ती साजिद हसनी द्वारा लिखी गई पुस्तक तजकिरय मुज्जहिद्द अल्फसानी के नए एडीशन का विमोचन खानकाहे नसीरिया के शहजादे हजरत मौलाना वजाहत मियां, मौलवी सरताज मियां शेरी ने किया। इस मौके पर मौलाना वजाहत मियां शेरी, मीनू बरकाती, शानू मियां खान शेरी, चांद खान शेरी, नसीम रजवी, नोमान मियां, फाजिल मियां, मौलाना शाने रजा बरकाती, मोहिद शेरी, मोहम्मद आदिल अंसारी, अफजल मियां, सुबहान मियां, काजिम खान आदि मौजूद रहे।