शारदा का जलस्तर कम होने के बाद फसलों में भरा पानी निकल गया है, लेकिन नदी ने नलडेंगा क्षेत्र में तेजी से भूकटान करना शुरू कर दिया है। इधर, डीएम के निर्देश पर पशु चिकित्सा विभाग की दो टीमों ने बाढग़्रस्त गांवों में पशुओं का टीकाकरण शुरू कर दिया है।
शारदा के जलस्तर में गिरावट आने के बाद नौजल्हा नंबर दो में बनाया गए मार्जनल बांध का कुछ भाग जो नदी के भीतरी हिस्से में था, क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन फिर भी बांध ने बढ़े भूभाग को तबाही से बचा लिया। जलस्तर कम होने के साथ ही नदी ने नलडेंगा क्षेत्र में भूटान शुरू कर दिया है। नगरियाखुर्द कलां में बाढ़ नियंत्रण योजना के जरिए कार्य हुए हैं। अभियंताओं का मानना है कि नदी भीतरी हिस्से के भाग को काटकर यदि स्परों तक आती है तो नदी पुन: इस इलाके को छोड़ देगी। ऐसा पहले भी हुआ था। इधर, डीएम के निर्देश पर पशुधन प्रसार अधिकारी बंगाली बाबू और माधोटांडा पशु चिकित्सालय के फार्मेसिस्ट मनोरंजन पाल के नेतृत्व में पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है।