भीतर घुसने को लेकर पुलिस से होती रही नोकझोंक
चीनी मिल में ब्लास्ट होते ही परिसर में भगदड़ मच गई। काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। कुछ को मौका लगा तो भाग निकले। हादसे की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। जिसके बाद लोगों की मदद से मलबे को छटनी कर लोगों को निकालना शुरू कर दिया गया। इधर हादसे की जानकारी लगने पर परिवारीजनों और रिश्तेदारों की भीड़ अपनों को खोजती हुई पहुंच गई। ग्रेडर के पास पैकिंग रूम में काम करने वाले कई लोगों का हादसे के बाद से कोई सुराग नहीं लग सका था। ऐसे में परिवारीजन उनकी सलामती को लेकर चिंतित हो गए। खुद ही मलबा हटाने के लिए भीतर घुसने लगे। बिल्डिंग के एक तरफ के हिस्से में आग की लपटें दिखाई दे रही थी, तो दूसरी ओर मलबे का ढेर। परिवार वाले खुद ही भीतर घुसकर अपनों को तलाशने लगे। दोबारा हादसा न हो जाए। इसको लेकर पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने परिवारीजनों को ढांढस बंधाकर शांत कराने की कोशिश की, लेकिन कई बार दोनों के बीच झड़प होती रही। लोगों को बाहर कर परिसर का गेट बंद कर दिया गया। हालांकि पब्लिक भीतर आने को लेकर बार बार आक्रोशित होती रही। सभी को संभालने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
जेसीबी आने में देरी पर भड़के लोग
बरहा गांव निवासी राजेंद्र का भाई विष्णु मिल के उसी हिस्से में काम कर रहा था, जिसमें हादसा हुआ है। हादसे के बाद से उसका कोई सुराग नहंी लग सका। इसे लेकर परिवारीजन आक्रोशित रहे। मलबा हटाने के लिए परिवारीजन जेसीबी मंगाने की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने जेसीबी मगाई, लेकिन जेसीबी देरी से आने पर लोगों में नाराजगी रही। हालांकि विष्णु की तलाश जारी है।
एहतियातन बुलाई गई भारी फोर्स
हादसे के बाद मिनट दर मिनट भीड़ बढ़ती जा रही थी। लोगों को आक्रोशित होता देख एसपी सभाराज ने जिले के दर्जन भर थानों की फोर्स, क्यूआरटी मौके पर बुला ली। सभी को भीड़ को व्यवस्थित रखने में लगाया गया है। लगातार अधिकारी लोगों को शांत कराने में जुटे रहे।
दमकल विभाग की गाड़ी ने बुझाई आग
ग्रेडर फटने के बाद एक तरफ मलबे में मजदूर दबे हुए थे और दूसरी ओर का हिस्सा सुलग रहा था। दुबारा हादसा होने का खतरा होने पर अधिकारियों ने दमकल विभाग की टीम को मौके पर बुला लिया। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने आग पर काबू किया। इसके बाद रेस्क्यू को आगे बढ़ाया जा सका।
घायलों को लेकर भागे सीओ
हादसे के बाद वैसे तो अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन सीओ सिटी अनुराग दर्शन ने लोगों को ढांढस तो बंधाया ही साथ में मलबा हटाने में भी जुटे रहे। टीन के परखच्चे और ईटों के ढेर को हटाते रहे। इस बीच घायलों के निकलने पर सीओ सिटी भीड़ के साथ ही घायलों को उठाकर एंबुलेंस की ओर दौड़ पड़े और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचवाया।