घोटाले की जांच लंबित होने के बाद अटैच चल रहे ग्राम पंचायत अधिकारियों का ब्लाक बदलकर उन्हीं ग्राम पंचायतों में नियुक्ति कर दी गई। ग्राम प्रधानों ने इसी शिकायत सीडीओ से की है। लगभग एक साल पहले डीएम ने लाटरी सिस्टम से जिले के सभी लगभग 80 ग्राम पंचायत सचिवों के ब्लाक और ग्राम पंचायतें बदल दी थीं। इसमें अमरिया के चर्चित ग्राम पंचायत अधिकारी प्रेमशंकर को ललौरीखेड़ा ब्लाक भेजा गया था। कुछ दिन ललौरीखेड़ा के गांव में रहने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। मगर कुछ दिनों बाद उन्हें बहाल कर जिला मुख्यालय से संबंद्ध कर दिया। उधर, अमरिया ब्लाक के जिन ग्राम पंचायतों में वह तैनात रहे वहां के प्रधानों ने तैनाती के दौरान किए गए घोटालों की शिकायत की थी, जिसका जांच अभी चल रही है। तीन दिन पूर्व डीएम के निर्देश पर अमरिया ब्लाक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारियों को एक समान पंचायतें देने के आदेश दिए थे। इसमें ब्लाक के नौ ग्राम पंचायत सचिवों को आदेश एक साथ जारी किया गया, जबकि एक अन्य आदेश जारी कर अटैच चल रहे ग्राम पंचायत अधिकारी प्रेमशंकर को न सिर्फ अमरिया भेजा गया, बल्कि उन्हें पूर्व की तैनाती के गांव टोडरपुर मुस्तकिल, टोडरपुर एतमाली, टांडा बिजैसी, हुल्कारी ढकिया, गिधौरा व भिंडारा सहित नौ ग्राम पंचायतें दे दी गईं। गुपचुप तरीके से हुई इस तैनाती से विभाग में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। वहीं संबंधित गांव के प्रधानों ने ग्रामीणों के साथ विकास भवन पहुंचकर शनिवार को सीडीओ को ज्ञापन देकर शिकायत की है।
लाटरी सिस्टम के बाद किसी भी पंचायत सचिव का ब्लाक अब तक नहीं बदला गया है। यदि ऐसा हुआ है तो वह दिखवाएंगे। हो सकता है मुझसे आदेश कराया गया है। मामले की पत्रावली देखने के बाद सही जानकारी हो सकेगी।
मासूम अली सरवर, डीएम