पीलीभीत। कोरोना के चलते 21 दिन के लॉकडाउन के पैदा हुए संकट के बावजूद सरकारी राशन की दुकानों पर कहीं घटतौली हो रही है तो कहीं कोटेदार टाइम से पहले दुकान बंद करके अपने घर चले जा रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता बहुत परेशान हो रहे हैं। कोटेदारों के खिलाफ लगातार शिकायतें आ रही हैं, मगर, उस तरह से उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
लॉकडाउन में जरूरतमंदों को मुफ्त में राशन देने का एलान सरकार कर चुकी है। इसके बाद रोजाना राशन की दुकानों पर गेहूं और चावल लेने के लिए भीड़ उमड़ रही है। मगर, कोटेदार उसे ठीक से नहीं बांटना चाहते। तमाम कोटेदार दोपहर को ही अपनी दुकानें बंद कर घरों को निकल चले जा रहे हैं। जब उपभोक्ता उनकी दुकान पर पहुंचते हैं तो दुकानों पर ताले लटके मिलते हैं। कई राशन की दुकानों पर लॉकडाउन का पालन भी नहीं कराया जा रहा है। राशन की दुकानों पर सैनिटाइजर के इंतजाम भी नहीं हैं। न ही एक मीटर के दायरे का ध्यान रखा जा रहा है। सरकारी सिस्टम की इस लापरवाही से न तो जरूरतमंदो को न राशन मिल पा रहा है, न ही लॉकडाउन का पालन हो रहा है।
सिस्टम की हकीकत परखने के लिए शनिवार को अमर उजाला की टीम ने जब राशन की दुकानों की पड़ताल की तो पूरी व्यवस्था लड़खड़ाई दिखाई दी। शहर में राशन की तमाम दुकानें समय से पहले ही बंद मिलीं। दुकानदारों को सुबह छह से रात नौ बजे दुकानें खोलने के निर्देश हैं, लेकिन कोटेदार समय से पहले दुकानें बंद करके घर भाग रहे हैं, ताकि उपभोक्ता परेशान होकर घर बैठ जाए और वे राशन की कालाबाजारी कर सकें। दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ताओं की शिकायत आ रही है कि कोटेदार राशन के साथ जबरन नमक दे रहे हैं। इसकी शिकायत प्रशासन से भी की गई। इसके बाद भी व्यवस्था सुधर नहीं रही है।
नावल्टी तिराहे पर सरकारी राशन की दुकान पर राशन लेने के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ थी। कोटेदार ने राशन लेने वालों की लाइन तो लगा रखी थी, लेकिन वहां लोग सैनिटाइजर से अपने हाथ साफ नहीं कर रहे थे। कोटेदार भी किसी उपभोक्ता से हाथों को सैनिटाइज करने के लिए नहीं कर रहा था।
सुनगढ़ी तिराहा स्थित राशन की दुकान पर सुबह लोग राशन लेने के लिए एकत्र हुए। राशन लेने की होड़ लग गई। उपभोक्ता निश्चित दूरी बनाना भी भूल गए। कोटेदोर अरुण गुप्ता ने बताया कि सबको राशन वितरित कर दिया गया है। दुकान पर एक भी व्यक्ति नहीं दिखा।
मोहल्ला आसफजान में स्थित सरकारी राशन की दुकान बंद मिली। राशन लेने के लिए आए अशोक ने फोटो न बनाने की बात कहते हुए बताया कि पुलिस निकलने नहीं दे रही। वह मुश्किल से राशन की दुकान तक पहुंच पाया। लेकिन, जब तक पहुंचे, तब तक राशन की दुकान बंद मिली।
राशन वितरण का विवरण
राशन कोटे की कुल दुकानें - 848
कुल राशन कार्ड धारक - 3,75,496
पंजीकृत मनरेगा श्रमिक - 1. 80 लाख
पंजीकृत श्रमिक - 56,606
अंत्योदय कार्ड - 3668
(मनरेगा, पंजीकृत श्रमिक और अंत्योदय कार्ड धारकों को निशुल्क राशन मिलना है)
राशन की दुकानों को सुबह छह से रात नौ बजे तक खुलने का निर्देश है। समय के अनुरूप दुकान खोलकर राशन वितरण किया जा रहा है। अगर कहीं शिकायत मिलती है तो कोटेदार पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। -एपी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी।