पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में हाल ही में दुर्लभ पक्षी प्रजाति जॉर्डन बुशचैट की उपस्थिति दर्ज की गई है। यह पक्षी उत्तर भारत में बहुत ही कम स्थानों पर पाया जाता है और इसकी मौजूदगी पारिस्थितिक संतुलन व संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाती है।
भारत की समृद्ध जैव विविधता में शामिल जॉर्डन बुशचैट एक दुर्लभ और विशिष्ट पक्षी है, जो आमतौर पर असम के काजीरंगा नेशनल पार्क और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पाया जाता है। टरक्वाइज वाइल्डलाइफ कन्जर्वेशन सोसायटी के अध्यक्ष अख्तर मियां खान के अनुसार, हाल ही में पीटीआर के घास के मैदानों और दलदली क्षेत्रों में इस पक्षी की उपस्थिति दर्ज की गई है, जो एक उत्साहजनक संकेत है।
जॉर्डन बुशचैट एक छोटा पक्षी है, जिसमें नर का रंग काले और सफेद का आकर्षक मिश्रण होता है, जबकि मादा का रंग हल्का भूरा होता है। इस पक्षी का पीटीआर में दिखना जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने बताया कि यह पक्षी दुर्लभ है, लेकिन इसके प्राकृतिक आवास खतरे में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके संरक्षण के लिए नियमित पक्षी गणना, प्राकृतिक घासभूमि की रक्षा और स्थानीय समुदायों को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। जॉर्डन बुशचैट की उपस्थिति पीलीभीत टाइगर रिजर्व को केवल बाघों के आश्रयस्थल के रूप में नहीं, बल्कि पक्षी प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए भी एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करती है।