पूरनपुर। दुष्कर्म के मुकदमे में समझौता से इनकार करने पर पीड़िता की पुत्री की सड़क पर पटककर हत्या कर दी गई। पीड़िता का आरोप है कि उस वक्त वह अपनी बीमार बेटी को चिकित्सक के यहां दिखाने ले जा रही थी। रिपोर्ट न लिखे जाने पर पीड़िता ने सीओ कार्यालय पहुंचकर मदद मांगी। बुधवार को वह कोतवाली पहुंचकर कोतवाल से भी मिली।
सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती ने बताया कि 2022 में गांव बंजरिया के एक युवक ने उससे दुष्कर्म किया था। तब उसने कोतवाली में आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, पिटाई करने, धमकाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। पीडि़ता ने बताया कि दुष्कर्म के बाद उसने एक पुत्री को जन्म दिया, जो एक साल दो महीने की थी।
आरोप है कि 14 अगस्त को बीमार पुत्री को दिखाने वह चिकित्सक के यहां जा रही थी। आरोप है कि रास्ते में परिजन के साथ मिले आरोपी ने उसका रास्ता घेरकर दुष्कर्म का मुकदमा वापस लेने को कहा। आरोप है कि विरोध करने पर उसकी पुत्री को गोद से छीनकर सड़क पर पटककर मार डाला।
पीडि़ता का आरोप है कि घटना की शिकायत उसने उसी दिन पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने उसकी नहीं सुनी। इसके बाद वह सीओ कार्यालय में शिकायत करने गई। बुधवार को कोतवाली पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। कोतवाल राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि पीडि़ता की तहरीर मिली है। जांच में पता चला है कि बच्ची की मौत पटकने से नहीं, बीमारी से हुई थी।