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इंतजार हुआ खत्म, शुरू हुआ मुकद्दस रमजान

Thu, 17 May 2018 08:31 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
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ramadan - फोटो : ramadan
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मुकद्दस रमजान शरीफ का चांद गुरुवार को देखे जाने के साथ जिले भर के इबादतगुजारों के चेहरे खिल उठे। मस्जिदों में तरावीह अदा की गईं। लोगों ने सहरी के लिए सामान की खरीदारी की। शुक्रवार को पहला रोजा होगा। जबकि शिया समुदाय के लोग शुक्रवार को दूसरा रोजा रखेंगे। 
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शाबान की 29वीं शब को रमजान शरीफ का चांद देखे जाने की काफी कोशिशों के बाद भी सफलता नहीं मिल सकी थी। हालांकि शिया मसलक के मौलाना कल्बे जव्वाद के लखनऊ और देवबंद के उलेमा के चांद देखे जाने की पुष्टि के बाद इन दोनों मसलकों के मानने वाले लोगों ने गुरुवार को पहला रोजा रख लिया, जबकि सुन्नी मरकज बरेली की ओर से चांद की पुष्टि न होने के कारण अहले सुन्नत वल जमात के लोगों ने गुरुवार को शाबान की 30वीं शब मानते हुए तरावीह अदा कीं। मगरिब की नमाज के बाद ही रमजान शरीफ के महीने में दिखाई देने वाली रौनक सड़कों पर नजर आने लगी। हर तरफ चहल पहल बढ़ गई। रमजान शरीफ में रोजे रखने वाले तमाम लोगों ने सहरी के लिए खास तौर पर तैयार किए जाने वाले खजला, फेनी और रमजानी ब्रेड की जमकर खरीदारी की। 

कल ही मुकम्मल हो गई थीं तैयारियां 
शाबान माह की 29वीं शब को चांद दिखने की उम्मीद पर तमाम मस्जिदों में रमजान शरीफ के लिए सभी तैयारियां बुधवार को ही मुकम्मल कर ली गईं थीं, लेकिन सुन्नी मरकज से चांद की पुष्टि न होने के कारण गुरुवार को इस मसलक से जुड़ी बड़ी आबादी का रोजा नहीं हो सका। इस मसलक के लोग शुक्रवार को पहला रोजा रखेंगे। 
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रोजे की सुन्नतें 

क्या करें:- 
सहरी में ताखीर (देर) करना, अफ्तार में जल्दी करना, खजूर या पानी से रोजा खोलना, रमजान में खैरात देना, सदकात और जकात देना, कुरआन पाक की तिलावत करना और आखिरी दस दिन एतिकाफ करना। 

इनसे रहें दूर 
रोजे की हालत में फिल्म देखने, गाने सुनने व देखने, झूठ बोलने, गीबत और चुगली करने, गाली देने, जुआ खेलने समेत तमाम बुरे कामों से दूर रहने की ताकीद है। 

इन्हें है रोजे से छूट 
तीन दिन की नियत से सफर में रहने वाले, गंभीर रूप से बीमार, बहुत ज्यादा कमजोर बुजुर्ग, गर्भवती और दूध पिलाने वाली माएं तथा मासिक धर्म के दिनों में महिलाओं को रोजे से छूट है। 

इनसे नहीं टूटता रोजा 
आंखों में सुरमा लगाने, सिर में तेल लगाने, कपड़ों में अल्कोहल रहित खुशबू लगाने या सूंघने से रोजा नहीं टूटता। इसी तरह जरूरत पर इंजेक्शन लगवाने, जिस्म पर दवा का लेप या मालिश करने तथा भूल से कुछ खा पी लेने से रोजा नहीं टूटता। 
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