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1990 के राम मंदिर आंदोलन में लाठी खाने वाले रामभक्त बोले- जिसका था इंतजार वो घड़ी आ गई .. आ गई

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पीलीभीत। जिसका इंतजार था आखिरकार वह घड़ी आ गई। 90 के दशक में राम मंदिर आंदोलन में पुलिस की लाठी खाकर जेल जाने वाले राम भक्त अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण की शुभ घड़ी आने पर बेहद खुश हैं। इनका कहना है कि तीन दशक पहले हुए आंदोलन के बहुत से साथी अब इस दुनिया में नहीं हैं। मगर, यह प्रभु श्रीराम की कृपा ही है कि अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का मंदिर निर्माण जैसा ऐतिहासिक क्षण देखने के लिए वह जीवित हैं। राम मंदिर आंदोलन में हिस्सा लेने वाले कुछ प्रमुख आंदोलनकारियों ने इस मौके पर अमर उजाला से अपने विचार साझा किए।
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श्रीराम मंदिर का निर्माण होना सुखद क्षण
राम मंदिर आंदोलनकारियों में प्रमुखता से शामिल बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा को पुलिस ने 1990 में जेल भेज दिया था। वह पीलीभीत और बदायूं में एक महीने तक जेल में बंद रहे। उनका कहना है कि सन 1526 से भगवान राम के मंदिर निर्माण पर अड़ंगे लगते रहे। देश आजाद होने के बाद भी भगवान राम के मंदिर को राजनीति का केंद्र बिंदु बना दिया गया। जबकि इस पर राजनीति की जरूरत ही नहीं थी। भगवान राम तो सबके आराध्य हैं। मोदी जी ने मंदिर निर्माण की सभी बाधाएं दूर कीं। मेरे सामने भगवान राम का मंदिर निर्माण होना सुखद क्षण है। इसे शब्दों में नहीं बयां किया जा सकता।
500 साल के संघर्ष की जीत है राम मंदिर
बिलसंडा निवासी भाजपा नेता रमेश गुप्ता भी राम मंदिर आंदोलन में जेल गए थे। 1990 के दशक में रमेश गुप्ता 13 लोगों के साथ बदायूं जेल भेजे गए थे। वह डेढ़ महीने जेल में बंद रहे। रमेश गुप्ता कहते हैं कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर निर्माण एक ऐतिहासिक क्षण है। जिस राम मंदिर निर्माण के लिए संपूर्ण हिंदू समाज 500 साल से संघर्षरत था, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वह सुखद क्षण अब आया है। राम मंदिर की आधारशिला प्रधानमंत्री बुधवार को रखेंगे। इसे देखना उनके लिए ही नहीं, बल्कि सभी रामभक्तों के लिए सुखद क्षण होगा।
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बरसों का सपना साकार हो गया
मझोला निवासी बुजुर्ग भाजपा नेता रामानंद सिंह कहते हैं कि बरसों से प्रत्येक राम भक्त का सपना था कि अयोध्या में प्रभु का सुंदर और भव्य मंदिर बने। वह सपना अब साकार होने जा रहा है। रामानंद सिंह अयोध्या आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे। वह तराई के गांवों में घूमकर लोगों को अयोध्या आंदोलन से जोड़ते थे। राम नाम की अलख जगाते थे। रामानंद सिंह बाद में भाजपा के जिला महामंत्री भी रहे। अब वह राजनीतिक गतिविधियों से दूर हैं। उनका कहना है कि समय मिलने पर वह अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करेंगे।
भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता मनाएगा दीवाली
अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखेंगे। इस ऐतिहासिक क्षण को भाजपा पदाधिकारी अपने घरों में टीवी पर देखेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह ने बताया कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता इस पल को यादगार बनाने के लिए अपने गांव का मंदिर लोगों की मदद से सजाकर भजन कीर्तन करेगा। मगर, इसमें सामाजिक दूरी का ख्याल रखा जाएगा। शाम को पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने घरों पर दीप जलाकर दीवाली मनाएंगे। भाजपा के मुख्यालय पर भी दीपोत्सव किया जाएगा। इसके अलावा तहसील, ब्लाक, बूथ, सेक्टरों पर भी दीपोत्सव कार्यक्रम होंगे।
11 लाख 11 हजार 111 दीप जलेंगे
दूसरी ओर शहर विधायक संजय सिंह गंगवार ने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम मंदिर निर्माण के अवसर पर सदर विधानसभा समेत प्रत्येक घर में 11 लाख 11 हजार 111 दीप जलाकर दीवाली मनाने की अपील की गई है। दीये बरेली से भी मंगाए गए हैं। सभी कार्यकर्ता अपने घरों पर दीपोत्सव और मिष्ठान वितरण कराकर ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे।
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