सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी ने कहा
गांव को कुपोषण से मुक्त करने में स्वास्थ्य विभाग व बाल विकास एवं
पुष्टाहार दोनों का योगदान है। दोनों विभाग के समन्वय से ही बेहतर काम किया
जा सकता है। उन्होंने इस कार्य में लापरवाही अथवा शिकायत मिलने पर कड़ी
कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
मरौरी ब्लाक सभागार में राज्यपोषण मिशन के
एक दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी ने किया। जिला
कार्यक्रम अधिकारी राजकपूर ने यहां मौजूद आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम से कहा
कि वह बच्चों का नियमित वजन लें और जो बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र अथवा अस्पताल
नहीं आ सकते उनके घर जाकर वजन लिया जाए। उन्होंने सभी से इसके लिए क्षेत्र
में व्यापक जागरूक फैलाने पर भी जोर दिया।
न्यूरिया सीएचसी प्रभारी
डॉ. प्रशांत शर्मा ने मानक से कम वजन के बच्चों को पौष्टिक आहार के साथ
निकट के अस्पताल में चेक करवाने और जरूरत पड़ने पर जिला मुख्यालय पर बने
पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने की सलाह दी।
कार्यक्रम में एडीओ
आभास कुमार, परियोजना अधिकारी मीना राठौर, सुपरवाइजर कंचन गंगवार, कुसुम,
यशोदा देवी, राजेश्वरी, चंद्रप्रकाश, सुनील श्रीवास्तव सहित ब्लाक क्षेत्र
की सभी एएनएम, आशा, कार्यकत्री मौजूद रहीं।