पीलीभीत-भोजीपुरा रेलमार्ग पर सबसे बड़े देवहा पुल का निर्माण बरसात शुरू होने से पूर्व ही पूरा कर लिया जाएगा। वहीं अन्य माइनर पुलों का कार्य भी काफी तेजी से शुरू हो चुका है।
पीलीभीत-भोजीपुरा रेल मार्ग पर ब्राडगेज कंवर्जन कार्य में तेजी केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु के आने के बाद आई। एक जनवरी को पीलीभीत-भोजीपुरा रेल मार्ग पर ब्लाक लिया गया। इसके बाद मीटरगेज पटरियों को उखाड़ने का कार्य शुरू हुआ। मीटरगेज लाइन हटाने के बाद बड़ी रेल लाइन और प्रस्तावित बड़ी रेल लाइन के मुख्य प्लेटफार्म का कार्य तेजी से शुरू किया गया है। रेलवे सूत्रों की मानें तो उक्त रेल मार्ग पर अभी तक करीब 25 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
चार साल पहले शुरू हुआ था कार्य
पीलीभीत-भोजीपुरा रेल मार्ग पर 47 छोटे पुल व सात बड़े पुल हैं। इनमें देवहा नदी पर बना देवहा पुल सबसे बड़ा पुल है। इस पुल का निर्माण करीब चार साल पूर्व शुरू किया गया था, लेकिन बरसात में देवहा नदी का पानी बढ़ने और अन्य कारणों के चलते पुल का निर्माण कार्य बीच में रुका रहा। उधर, अब पुन: पुल का निर्माण तेजी से शुरू किया गया है। दो पिलर के गार्डर लगाना शेष हैं। शेष अन्य पुलों का काम भी शुरू हो चुका है। इज्जतनगर मंडल कार्यालय के मुताबिक 237 मीटर लंबे देवहा पुल का निर्माण बरसात शुरू होने से पूर्व ही पूरा कर लिया जाएगा, ताकि बरसात में पुल निर्माण में कोई व्यवधान पैदा न हो।
भोजीपुरा-पीलीभीत मार्ग पर ब्राडगेज कंवर्जन का कार्य तेजी से जारी है। देवहा पुल का काम बरसात से पहले पूरा कर लिया जाएगा। शेष बचे पुलों का काम भी चल रहा है।
- राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल