स्वास्थ्य विभाग
शिशुओं को सात बीमारियों से बचाव को जिले में मिशन इंद्रधनुष अभियान
चलाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर शुरू होने वाले मिशन इंद्रधनुष
में देश भर के 102 उच्च प्राथमिकता वाले जिले शामिल किए गए हैं। इसमें जिला
पीलीभीत को भी शामिल किया गया है।
जिले में यह अभियान सात अप्रैल से किया
शुरू किया जाएगा। अभियान का जिम्मा बदायूं के एसीएमओ डॉ. सिद्धा, एसीएमओ
डॉ. सीएम चतुर्वेदी व डब्ल्यूएचओ के डा. अंकित को दिया गया है।
इन बीमारियों से बचाव को होगा टीकाकरण
मिशन
इंद्रधनुष के तहत दो वर्ष के बच्चों को टीवी, डिप्थीरिया, टिटनेस, पोलियो,
हेपेटाइटिस बी, मीजल्स आदि बीमारियों के टीके लगाए जाएंगे।
बरखेड़ा के चलते अभियान में शमिल हुआ जिला
एसीएमओ
डॉ. सीएम चतुर्वेदी के मुताबिक जिले को मिशन इंद्रधनुष में हाईरिस्क एरिया
बरखेड़ा के चलते शामिल किया गया है। इसमें तीन वर्गों के आधार पर जिले का
चयन किया गया है। पहला 50 प्रतिशत बच्चों को एक भी टीका न लगना, दूसरा 50
से 60 प्रतिशत बच्चों को एक भी टीका न लगना व हाईरिस्क एरिया।
तैयारियों में जुटा महकमा
स्वास्थ्य
महकमा अभियान को लेकर बच्चों के चिन्हीकरण का कार्य कर रहा है। इससे पूर्व
जिले के उन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया, जहां यह अभियान चलाया जाना है।
अब एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी आदि द्वारा घर-घर जाकर बच्चों के टीकाकरण संबंधी
जानकारियां जुटाई जा रही है। चिंहीकरण रिपोर्ट आने के बाद ही माइक्रोप्लान
तैयार कर अभियान की शुरूआत की जाएगी।
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जिले में सात
अप्रैल से मिशन इंद्रधनुष शुरू किया जाना है। अभियान को लेकर
चिकित्साधिकारियों से लेकर ब्लाक स्तर पर ट्रेनिंग दी जा चुकी है। जिले में
बच्चों के चिंहीकरण का कार्य चल रहा है। जल्द ही इसकी तैयारियां पूरी कर
ली जाएगी।
डा. ओम चौहान, प्रभारी सीएमओ