पीलीभीत। मानसून सत्र में पहली बार शनिवार मध्यरात्रि से रविवार सुबह तक सात घंटे लगातार मूसलाधार बारिश हुई। 24 घंटों में करीब 50 एमएम बारिश हुई। शहर में जलभराव होने से बाढ़ जैसे हालात बन गए। तेज हवा से कई स्थानों पर पेड़ भी गिर गए, जिससे आवागमन में दिक्कत आई। जलभराव ने नगरपालिका की ओर से लाखों रुपये खर्च कर कराई गई नालों की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया।
शहर में शनिवार शाम को ही बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। इसके बाद मध्यरात्रि के बाद मूसलाधार बारिश शुरू हुई, तो यह सिलसिला सुबह आठ बजे तक जारी रही। नाले-नालियां चोक होने से पानी का निकास पूरी तरह थम गया। इस कारण शहर के लगभग सभी मोहल्लों में जलभराव हो गया, यही नहीं कई निचले इलाकों में घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया। घरों से लेकर बाजार तक पानी ही पानी दिखाई दे रहा था। यह आलम तब था जब नगरपालिका की ओर से नालों की सफाई पर इस बार भी 12 लाख रुपये खर्च किए गए थे। ऐसे में लोग काफी नाराज दिखे, कुछ का तो यहां तक कहना था कि चेयरमैन ने कुछ नहीं किया।
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सोशल मीडिया पर जमकर हुई फजीहत
शहर में जलभराव को लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर नगरपालिका की जमकर फजीहत की। किसी ने जलभराव के फोटो पोस्ट करते हुए लिखा-जलपरी का नाम तो सुने हो, मगर जल कॉलोनी का नहीं। आज दर्शन करें और नगरपालिका पीलीभीत का आभार व्यक्त करें।
किसी ने बाइक की नाव बनाकर फोटो शेयर करते हुए लिखा कि वाहनों के हिसाब से तो सड़कें बनने से तो रहीं...हमने ही वाहन सड़क के हिसाब से बना लिए। इस दौरान नगर पालिका प्रशासन और चेयरमैन को जमकर कोसा गया।
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पानी में बहता कूड़ा, लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बना
शहर में सफाई व्यवस्था पहले से ही लचर है। ऐसे में क्या बारिश और क्या सूखा। रविवार को वैसे भी नगरपालिका के कर्मचारी अवकाश मनाते हैं। आलम यह रहा कि जिन स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे थे, वहां से लोगों को निकलना दूभर हो गया।
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शहर के इन मोहल्लों में हुआ जलभराव
सुनगढ़ी, राजाबाग कॉलोनी, मोहल्ला फीलखाना, हाथी खाना, पंजाबियान, बल्लभनगर कॉलोनी, नई बस्ती, गैस चौराहा, देशनगर, जोशी टोला, बेनी चौधरी, साहूकारा, छोटा खुदागंज, मोहल्ला मोहम्मद वासिल, आवास विकास कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, अशोक कॉलोनी, बरहा, निरंजकुंन कॉलोनी, अवध नगर कॉलोनी, खुशीमल, पूरनमल, गौहनिया चौराहा, रंगीलाल चौराहा, सुरभि कॉलोनी, दूधिया मंदिर रोड़, कृष्ण विहार कॉलोनी आदि।