पीलीभीत। किसानों पर इस बार प्रकृति की भयंकर मार पड़ी है। पकने के समय बारिश से गेहूं का दाना कमजोर हो गया, फिर कटाई के वक्त लॉकडाउन ने हाथ रोक दिए। फिर जैसे तैसे मंडी जाने की छूट मिली। जिनका गेहूं कटने और गहाई से बच गया, वह रविवार को तेज हवा और बेमौसम बारिश और ओले गिरने से तबाह हो गया। अभी लगभग 20 फीसदी किसानों का गेहूं कटना बाकी है। मौसम विभाग ने 27 और 28 अप्रैल को भी तेज हवा के साथ कहीं हल्की मध्यम तो भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।
दो दिन से आसमान में बादल अपना रंग बदल रहे थे। रविवार सुबह अचानक सुबह बादल छाए और फिर तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। पूरनपुर और घंघचाई, गुलाबटांडा, गजरौला समेत ग्रामीण इलाकों में भारी बारिश हुई। तेज हवा चली और दस मिनट तक ओले गिरे। घुंघचाई में तो काफी बड़े ओले गिरने से किसानों की गेहूं की फसल तबाह हो गई। रविवार को न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 29.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह 5:34 बजे सूर्योदय होने के बाद से ही बादल छा गए और कुछ देर बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद पूरे दिन बादलों की गड़गड़ाहट के साथ रुक-रुककर बारिश होती रही। 11 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। पूरे दिन में 15 से 20 मिमी. बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग ने 27 और 28 अप्रैल को भी तेज हवा और भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। भूमध्य सागर में उठे पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आगामी दो दिन तक तेज हवा के साथ बारिश की आशंका बनी हुई है। लखनऊ आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता ने बताया कि आगामी दो दिन तक 18 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। कहीं हल्की मध्यम तो कहीं भारी बारिश होगी। दो दिन तक सूर्य के दर्शन नहीं होंगे। 29 अप्रैल को मौसम खुलेगा। हालांकि इस दिन भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी।
20 प्रतिशत गेहूं कटना बाकी
ग्रामीण इलाकों में अभी कम से कम 20 प्रतिशत गेहूं कटना बाकी था। हालांकि कंबाइन से कटने वाला अधिकतर गेहूं तो कट चुका है। मगर, हाथ से कटने वाला गेहूं अभी किसान काट रहे हैं। जो गेहूं कट चुका है, किसान उसकी गहाई करने में लगे हैं। कुछ किसानों का गेहूूं घर या खेत में खुले में लगा है, बारिश से वह भीग चुका है। गीले गेहूं को बेचने में परेशानी होगी। उप कृषि निदेशक यशराज सिंह ने भी स्वीकार किया कि अभी कुछ गेहूं कटना बाकी रह गया था। मगर, बारिश हो गई। इससे किसानों का काफी नुकसान हुआ है।