मूसलाधार बारिश व दो अलग-अलग बैराज से शारदा व देवहा में छोड़े जा रहे पानी से जिले के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। रात हुई मूसलाधार बारिश से जहां रविवार को शहर की सड़कों पर दो से तीन फीट पानी भर गया, वहीं शारदा नदी का रमनगरा बुझिया व नलडेंगा क्षेत्र में भू कटान बदस्तूर जारी रहा। तमाम बाढ़ पीड़ित भयभीत होकर ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं, अमरिया क्षेत्र में देवहा नदी करीब 30 एकड़ कृषि भूमि निगल चुकी है।
उफनाई देवहा, सहमे लोग
पीलीभीत। डूनी डैम से देवहा नदी में रविवार को 19500 क्यूसेक पानी रिलीज किया गया। इससे देवहा नदी उफना गई। नदी द्वारा छोड़ी गई जमीन पर कई एकड़ में खड़ी पालेज भी पानी में समा गई। किसान तेज बहाव के बावजूद सब्जियों को निकालते देखे गए। इधर, देवहा नदी का जलस्तर बढ़ते ही नदी किनारे के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। वहीं, नदी का पानी पुलिस लाइन व आफीसर्स कालोनी की ओर बढ़ रहा है। नदी में एकाएक जलस्तर बढ़ने से निचले इलाके में रहने वाले लोगों में खलबली मची हुई है। रविवार को पूरे दिन लोग नदी के जलस्तर का जायजा लेते रहे। यदि अब जल्द नदी में पानी छोड़ा जाता है तो शहर से चंदोई, नावकूड आदि में पानी भरने की पूरी संभावना है। इधर, एसडीएम सदर जेपी चौहान ने दौराकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं बने हैं, फिलहाल लोगों को सतर्क किया गया है।
पीलीभीत। शहर में शनिवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश रविवार सुबह तक होती रही। बारिश से शहर के टनकपुर रोड, स्टेशन रोड आदि पर जलभराव हो गया। सबसे ज्यादा बुरे हालात कृष्ण बिहार कॉलानीे के देखे गए। यहां रामा कॉलेज से दूधिया मंदिर की ओर जाने वाली सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। घरों में नालियों का गंदा पानी घुस गया। तमाम लोग घरों में घुसे पानी को निकालते देखे गए। लगातार बारिश से शहर के हाल ही साफ हुए नाले भी उफना गए। इसके चलते शहर की अशोक कॉलोनी, एकतानगर कॉलोनी, बल्लभनगर कॉलोनी, शारदा कालोनी के अलावा मोहल्ला शेर मोहम्मद, सुनगढ़ी, मोहम्मद वासिल, शेरों वाली मठिया, पकड़िया, फीलखाना, पंजाबियान, राजीव कॉलोनी, जोशी कॉलोनी, रेलवे कॉलोनी आदि में भारी जलभराव हो गया। रेलवे स्टेशन, रोडवेज व प्राइवेट बस स्टैंड, प्रमुख चौराहों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर बाद हालात सामान्य हुए।
देवहा ने अमरिया में 30 एकड़ जमीन निगली
अमरिया। देवहा नदी में एकाएक जलस्तर बढ़ने के साथ गांव जगत, वरादुनबा, मझलिया, नगरिया कालोनी व हिमकरनपुर आदि में भू कटान तेजी से शुरू हो गया है। यहां नदी पिछले 24 घंटे में लगभग 30 एकड़ जमीन निगल चुकी है और तेजी से आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ रही है। यहां भू कटान की गति इतनी तेज है कि ग्राम जगत निवासी गुरेंदर सिंह, बलजीत सिंह, केवल सिंह, सर्वजीत सिंह, राम सिंह, सुखदेव सिंह, संतोख सिंह, गुरमीत सिंह, कुलदीप सिंह दर्शन सिंह आदि में किसानों की जमीनें नदी में समा चुकी हैं। वहीं, गुरेंदर सिंह बलजिंदर सिंह, दिनेश सिंह, जसवंत सिंह के मकान नदी के कटान से महज सौ मीटर दूरी पर रह गए हैं।
नलडेंगा में नदी मार्जनल बांध से 25 मीटर दूर
माधोटांडा। बनवसा बैराज से शारदा नदी में रविवार को 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नदी के जलस्तर में शनिवार से बढ़ोतरी होने के बावजूद रमनगरा बुझिया में भूकटान की गति धीमी हुई है, लेकिन यहां नदी किनारे बसे लोग पिछले कुछ दिनों से हो रहे लगातार कटान से सहमे हुए हैं। इनमें से कईयों ने अपने पक्के व कच्चे घरों को तोड़कर अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है, वहीं तमाम बाढ़ पीड़ित रविवार को भी ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करते देखे गए। लोगों का मानना है कि यदि शारदा नदी में बाढ़ आती है तो बाढ़ का पानी बिजौरीखुर्द के जंगल और पलिया कालोनी में होकर वीरखेड़ा पट्टा कालोनी तक कृषि फसलों को क्षति पहुंचा सकता है। इसके अलावा शारदा डैम के सामने नलडेंगा क्षेत्र में शारदा नदी से डैम को खतरे से बचाने को बनाए गए स्परों का कटान जारी रहा। यहां नदी मार्जनल बांध से मात्र 25 मीटर दूर रह गई है। ऐसे में अब मार्जनल बांध को भी बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
विधायक पीतमराम ने बाढ़ग्रस्त इलाके का किया दौरा
माधोटांडा। क्षेत्रीय विधायक पीतमराम ने रविवार को रमनगरा बुझिया का दौराकर कटान की स्थिति का जायजा लिया। यहां बड़ी तादाद में एकत्र हुए बाढ़ पीड़ितों ने विधायक को कटान की जानकारी देते हुए सभी को किसी सुरक्षित पर बसाने व कृषि भूमि दिलाने की मांग की। सिख समुदाय के लोगों ने भी अपनी भूमिधरी की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि कट जाने की बात कही। इस पर विधायक ने डीएम व बाढ खंड के अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर बाढ़ से बचाव के हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों का आश्वस्त किया कि बरसात बाद रमनगरा बुझिया में भी बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जाएंगे। विधायक ने नलडेंगा क्षेत्र का भी दौरा किया। यहां प्रधान परितोष राय सहित ग्रामीणों ने विधायक मौके पर जाकर कटान दिखाया। विधायक ने शारदा सागर खंड के अधिशासी अभियंता हरीशचंद्र यादव से दूरभाष पर बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। उन्होंने शारदा सागर के सहायक अभियंता धर्म घोष के बात कर अपने उच्चाधिकारियों को स्थिति की जानकारी देकर जल्द बचाव कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उधर, रमनगरा पहुंचे विधायक को ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान प्रशांत साना के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपकर बिजली विभाग पर बिल न भेजकर सीधे आरसी काटने व बिजली चोरी के झूठे मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया। कहा कि रिलायंस इनर्जी ने उन्हें प्रतिमाह सौ रुपये देने की बात कहते हुए एक बल्ब जलाने की बात कही थी। ग्रामीणों ने आरसी ढवापस कराने व पुलिस उत्पीड़न बंद कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में गंगाराम, नंदू, नगेंद्र गुप्ता, मिथलेश पांडेय, अजीतदास, दीपक, अरुण बारोई आदि शामिल रहे।