पीलीभीत। अमान परिवर्तन के बाद ब्रॉडगेज की ट्रेनों का जंक्शन से संचालन शुरू होने के बाद भी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। इससे यात्रियों को खासी दिक्कत हो रही है।
कोरोना संकट काल के बाद अब ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है। प्लेटफॉर्म नंबर दो, तीन और चार पर पूरी तरह से अव्यवस्थाएं हावी हैं। सफाई व्यवस्था बदहाल है। कहीं टंकी की टोटियों के पास शराब के खाली पौवे पड़े हैं, तो कहीं टंकी से टोंटी गायब हैं।
वहीं, आरपीएफ की ओर से प्लेटफॉर्म पर मुख्य निकास द्वार नहीं खोला गया है। इसका खामियाजा ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ा रहा है। वहीं, फुटओवर ब्रिज पर दिव्यांगों के लिए पांच साल बाद भी रैंप नहीं बन पाई। व्हीलचेयर भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है। इससे दिव्यांगों को ट्रेन का सफर के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है। ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों की रोजाना भीड़ बढ़ने लगी है। इसके बाद भी व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हो रहा है।
प्लेटफार्म नंबर एक
कोरोना संकट काल में ट्रेनों का संचालन बंद होने के बाद प्लेटफॉर्म नंबर पर मुख्य निकास द्वार को लकड़ी लगाकर बंद कर दिया गया है। अब कई दिनों पहले ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है, मगर इस मुख्य द्वार को अभी तक आरपीएफ ने नहीं खोला है। इससे यात्रियों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। जबकि आरपीएफ के अधिकारी प्लेटफॉर्म की सुरक्षा का हवाला दे रहे हैं। कुल मिलाकर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्लेटफार्म दो-तीन
जंक्शन पर प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर वैसे तो सभी व्यवस्थाएं है। मगर साफ सफाई के अभाव में दम तोड़ रही हैं। पानी की टंकी के पास शराब के खाली पड़े पौवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। टोटी के पास फैली गंदगी से यात्रियों को पानी पीने में दिक्कत होती है। जबकि अफसर सफाई व्यवस्था दुरुस्त होने के बाद दावे कर रहे हैं।
प्लेटफार्म नंबर चार
अमान परिवर्तन का कार्य पूरा होने के बाद भी प्लेटफॉर्म नंबर चार पर अव्यवस्थाएं हावी हैं। पानी की टंकी से टोंटी गायब हैं। सफाई न होने से घास उग आई है। जबकि इस ट्रैक पर ट्रेन रोकने के लिए रेलवे को अनुमति मिल गई है। प्लेटफॉर्म पर उतरने वाले यात्रियों के लिए पानी की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। झाड़ियों से कीड़े मकोड़े प्लेटफॉर्म पर आने का खतरा बना रहता है।
जान जोखिम में डालकर पटरियां लांघते हैं यात्री
प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर जाने के लिए फुटओवर ब्रिज गेट से काफी दूरी पर बना है। इससे यात्री बेखौफ होकर पटरियों को लांघते हुए ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़ पड़ते हैं। स्टेशन पर तैनात आरपीएफ के जवान भी यात्रियों को रोकने की जहमत नहीं उठाते हैं। इससे ट्रेन आने के दौरान दुर्घटना की संभावना बन रहती है। दूसरा रास्ता न होने के कारण यह स्थिति रोजाना रहती है। जबकि इस दौरान कई ट्रेनों का आवागमन रहता है।
पीलीभीत जंक्शन के सभी प्लेटफॉर्म पर अव्यवस्थाओं की जानकारी नहीं है। गंभीरता के साथ इस मामले को दिखवाकर अव्यस्थाओं को तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल