शेरपुरकला में अर्थी निकालने को रास्ता न होने का विवाद बता वाल्मीकि समाज की कमला देवी के शव का अंतिम संस्कार काफी देर बाद हो सका। शव ले जाने के लिए रास्ता दिलवाने की मांग को लेकर वाल्मीकि समाज के कई लोगों ने एसडीएम और सीओ से मिलकर शमशान घाट का रास्ता दिलवाने की मांग की। सीओ ने पुलिस बल भेज शव यात्रा निकलवाई। सीओ ने बताया कि गुरुवार को एसडीएम के साथ मौके पर जाएंगे यदि शमशान भूमि को जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण मिलेगा तो उसे हटवाएंगे।कस्बा निवासी मैकूलाल वाल्मीकि की विधवा 62 वर्षीय कमला देवी की बुधवार सुबह मौत हो गई थी। श्मशान भूमि को जाने वाले रास्ते पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए उनकी शव यात्रा काफी देर रोकी रखी गई। साथ ही कस्बा निवासी रामकिशोर वाल्मीकि के नेतृत्व में करीब डेढ़ दर्जन वाल्मीकि समाज के युवकों ने तहसील सभागार में पहुंचकर मामले की जानकारी एसडीएम और सीओ को दी। इन लोगों ने सीओ को बताया कि इससे पहले फरवरी में रंजीत की 17 वर्षीय पुत्र पिंकी की मौत पर भी रास्ता रोक दिया गया था। आक्रोशित लोगों ने शमशान घाट और शमशान घाट के रास्ते से अवैध कब्जा हटवाने की मांग की। इस पर सीओ अनुराग दर्शन ने वृद्धा का अंतिम संस्कार करने को कहा। इसी अप्रिय घटना से बचने के लिए एक दरोगा और दो कांस्टेबिल भी मौके पर भेजे। अवैध कब्जे की शिकायत करने वालों में रामकिशोर के साथ राहुल, बबलू, ऋषिपाल, सत्यपाल, अनिल, रामनिवास, शिवलाल, गुलश, गिल्टन, उमाशंकर आदि मौजूद रहे। उधर, प्रभारी कोतवाल एमएस विष्ट ने बताया कि रास्ते से अर्थी निकालने का कोई विरोध नहीं करता। कुछ लोग बेवजह रास्ते की बात कहकर मामले को तूल देना चाहते हैं।