शारदा नदी पर तटबंध बनेगा या न नहीं, इसको लेकर अभी तक आशा की कोई किरण नजर नहीं आ रही है। प्रदेश सरकार ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के लिए नए प्रोजेक्टों को लेकर एक धेला भी नहीं दिया है। इससे इन क्षेत्रों के वाशिंदों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। बारिश का मौसम आने को है। इसको लेकर शारदा नदी के दाएं किनारे बसी रमनगरा बुझिया के वाशिंदों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। पिछले वर्ष शारदा नदी ने यहां दाएं किनारे की ओर कटान कर घरों के साथ कई एकड़ कृषि भूमि का कटान कर दिया था। तब प्रशासन ने यहां ठोकरें बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन पूरा साल बीत जाने के बावजूद यहां कार्य कराने को अभी तक एक धेला नहीं दिया। प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद नई सरकार ने पुराने प्रोजेक्टों को हरी झंडी तो दी, लेकिन किसी भी नए प्रोजेक्ट के लिए धनराशि जारी नहीं की। इस कारण सिंचाई विभाग रमनगरा बुझिया में कोई कार्य नहीं करा पाया। गांव के पूर्व प्रधान रामदरस, बिल्लू राजभर, डॉ. सुरेश व ग्राम प्रधान प्रशांत साना कहते हैं कि पिछले दिनों यहां दौरे पर आई सिंचाई राज्यमंत्री स्वाति सिंह को ज्ञापन देकर बचाव कार्य करवाने की मांग की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर बजट दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक न तो बजट मिला न ही काम शुरू कराया गया।