बरसात को लेकर ब्राडगेज का रुका काम मंगलवार को आगे बढ़ता दिखा। मंगलवार को ब्राडगेज के लिए नई पटरिययों के आने का क्रम शुरू हो गया। पटरियों को पुराने माल गोदाम के समीप रखा जा रहा है।
मैलानी-सीतापुर लाइन को ब्राडगेज में बदलने के लिए ब्लाक लेने के बाद मैलानी-पीलीभीत लाइन पर ब्राडगेज का काम होना है। इसकी जानकारी 25 जून को निरीक्षणण पर आए डीआरएम निखिल पांडेय ने दी थी। ब्राडगेज को लेकर पीलीभीत-मैलानी के बीच ब्लाक कब लिया जाएगा, यह अभी तय नहीं है। हालांकि काम करीब दो साल से चल रहा है। पूरनपुर के अलावा शाहगढ़, माला, दुधियाखुर्द, सेहरामऊ स्टेशन पर भवन निर्माणाधीन हैं। बरसात की वजह से काम बंद हो गया था। बरसात में शाहगढ़ और माला में पुल बनानेे को लगाई गई दो मशीनें पानी में डूब गईं। शाहगढ़ में सीमेंट के गोदाम में पानी भरने से करीब पांच हजार कट्टा सीमेंट भीग गया था। बरसात में इंजीनियरों के साइड तक न पहुंचने से काम नहीं हो पा रहा था। इधर, मंगलवार को पटरियों के आने का क्रम शुरू होने से कार्य में फिर तेजी की उम्मीद जगी है।
कैसे आएगा मैटेरियल, सड़कें खस्ताहाल
पूरनपुर। ब्राडगेज के लिए पटरियों को पहले एक जगह लाकर इकट्ठा किया जाना है। यहीं से फिर वर्क प्लेस पर पहुंचाया जाना है। एनएलटी के एक अफसर ने बताया कि बरसात की वजह से वर्क प्लेस पर पटरियां न पहुंचने से उन्हें पूरनपुर सहित कुछ अन्य स्थानों पर लाइनों का स्टाक कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि लाइनें और अन्य मैटेरियल तो कई दिन पहले से आना शुरू होना था, लेकिन सड़कें खराब होने से मैटेरियल मंगवाने में देरी हो रही है।
... तब मच जाएगा हाहाकार
पूरनपुर। तहसील से जिला मुख्यालय आवागमन को वैसे असम हाइवे के अलावा माधोटांडा, कलीनगर होते हुए भी सड़क है। माधोटांडा-कलीनगर सड़क जर्जर होने से असम हाइवे से ही इन दिनों वाहनों का आवागमन हो रहा है। असम हाइवे पर हरदोई ब्रांच नहर सहित तीन पुल जर्जर हैं। जो कभी भी धोखा दे सकते हैं। ब्राडगेज से पहले अगर पुलों की हालत ठीक नहीं की गई तब सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ने से पुलों के धोखा देने का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसा हुआ तो आवागमन को लेकर लोगों को भारी असुविधा होगी।
प्लानिंग नहीं कर पा रहे अफसर
पूरनपुर। बारिश की वजह से निर्माण कंपनी केे अफसर तहसील मुख्यालय पर बनाए गए कार्यालय तक ही सीमित होकर रह गए हैं। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि बरसात के कारण इंजीनियर मौके पर नहीं जा पा रहे हैं। इससे वर्क प्लानिंग नहीं हो पा रही है।