- झमाझम बारिश से निचले स्थानों पर हुआ जलभराव
- भारी क्षति के बावजूद तहसील प्रशासन से कोई भी अधिकारी और कर्मचारी क्षति का जायजा लेने नहीं पहुंचा
जिले में सुबह पूरनपुर तहसील क्षेत्र के कुछ गांवों समेत कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी के साथ जमकर ओले गिरे। इससे किसानों के खेत में खड़ी गेहूं और मसूर की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। बावजूद इसके तहसील प्रशासन से कोई भी अधिकारी और कर्मचारी फसलों को हुई क्षति का जायजा लेने क्षेत्र में नहीं पहुंचा। इससे किसानों में रोष है।
सोमवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए थे। दोपहर को झमाझम बारिश के साथ पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव वक्तापुर, भायपुर, शिवपुरियिा, कुल्हागाढ़ा, मकरंदपुर सहित पौन दर्जन गांव में ओलावृष्टि हुई। इससे किसानों में हड़कंप मच गया। ओलावृष्टि में लाही, मसूर, लहटा की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। गेहूं की पैदावार भी बीस प्रतिशत कम होने का अनुमान किसान जता रहे हैं।
करीब आधा घंटा तक हुई बारिश से निचले स्थानों पर जलभराव हो गया। तेज हवा के साथ हुई बारिश मेें लाही, मसूर, गेहूं की फसलों को नुकसान हुआ। गांव वक्तापुर निवासी ओमप्रकाश शुक्ला ने बताया कि अपरान्ह करीब बारह बजे से साढ़े बारह बजे तक ओलावृष्टि हुई। कंचे के बराबर साइज तक के ओले गिरे। गांव के प्रधान खुशीराम गौतम ने बताया कि ओलावृष्टि से कई गांव के किसान तबाह हो गए हैं। सरसों, मसूर की फसल तो पूरी तरह चौपट हो गई। गेहूं की फसल भी गिर गई। इससे गेहूं की फसल में भी करीब पचास प्रतिशत का नुकसान हुआ है। गांव निवासी जसकरन ने बताया कि ओलावृष्टि से खेतों में ओलों के ढेर लग गए।
राकेश सिंह का कहना है कि ओलावृष्टि से उनकी गेहूं की फसल भी साठ प्रतिशत प्रभावित हुई है। गांव मकरंदपुर ता. पिपरिया दुलई प्रेम शंकर, वीरपाल ने बताया कि खेतों में करीब छह इंच तक ओले की परत जमा हो गई। ओलावृष्टि से फसलों की भारी तबाही हुई है। घुंघचाई। क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश से सरसों, गेहूं की फसलें प्रभावित हुई। तेज हवा के साथ हुई बारिश से गेहूं की फसल खेतों में गिर गई।
तहसील क्षेत्र में ओलावृष्टि होने की फिलहाल कोई सूचना नहीं मिली है। हो सकता है कि कुछ स्थानों पर थोड़े बहुत ओले गिरे हों। सूचना पर सर्वे कराया जाएगा। सर्वे में यदि किसानों की फसल तबाह होने की पुष्टि होती है तो उन्हें मुआवजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
- दिग्विजय सिंह, तहसीलदार