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फायर ब्रिगेड के नाम पर दिया पंप

Sun, 26 Mar 2017 09:48 PM IST
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
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पऊफायर ‌िबबि्र्रिकेड
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 तहसील और कलीनगर क्षेत्र में होने वाली आग की घटनाओं पर काबू पाना इस बार मुश्किल हो सकता है। वजह इस बार फायर सीजन में होने वाले अग्निकांडों पर काबू पाने को फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ी की जगह तहसील मुख्यालय को पंप की सुविधा दी गई है। पंप से आग बुझाने को फायर ब्रिगेड कर्मियों को पानी कहां से मिलेगा? और कैसे आग बुझाई जाएगी। यह चिंता का विषय बना हुआ है।
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पूरनपुर जिले की सबसे बड़ी तहसील रही है। इसमें फायर ब्रिगेड स्टेशन की मांग लंबे समय से की जाती रही है। फायर ब्रिगेड स्टेशन न होने से फायर सीजन में तहसील मुख्यालय पर एक फायर यूनिट की अस्थाई व्यवस्था कर फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ी उपलब्ध कराई जाती थी। क्षेत्र बड़ा होने के चलते उक्त व्यवस्था नाकाफी साबित होती थी। अग्निकांड की बड़ी घटना पर जिला मुख्यालय से और गाडिय़ां मंगवानी पड़ती थी। इस बार तो फायर ब्रिगेड के नाम पर पंप की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में क्षेत्र में होने वाले अग्निकांडों पर कैसे काबू पाया जाएगा। 
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जलभराव वाले स्थल की होती जरुरत
बड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां ढ़ाई हजार से साढ़े चार हजार लीटर पानी की क्षमता वाली थीं। नगर पालिका की वाटर बाक्स में परिसर से गाडिय़ों में पानी भर लिया जाता था। भीषण अग्नि कांड में क्षेत्र के तालाबों आदि पानी प्रयोग में लिया जाता था। आग बुझाने को दी गई पंप वाली गाड़ी में पानी स्टाक नहीं होता। आग की घटना पर दमकल तालाब आदि को तलाश कर उसका पानी पंप से खींचकर आग बुझाते है। नगर और जहां जलभराव वाले स्थल नहीं है ऐसे स्थानों पर आग कैसे बुझाई जाएगी। इसको लेकर दमकल कर्मी भी चिंतित हैं। 
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नीलाम हो गईं कंडम गाडियां
जिला मुख्यालय के फायर स्टेशन पर साढ़े चार हजार, ढ़ाई हजार क्षमता की फायर ब्रिगेड गाड़ियां थी। गाड़ियों के कंडम होने पर फरवरी माह में उनकी नीलामी कर दी गई। अब चार सौ लीटर क्षमता की एक फायर ब्रिगेड और पंप वाली गाड़ियां हैं। 
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पूरनपुर में फायर स्टेशन के लिए भूमि उपलब्ध न होने से फायर स्टेशन नहीं खुल पा रहा है। फायर सीजन को लेकर पूरनपुर को एक पंप वाली गाड़ी उपल्ब्ध करा दी गई है। जिले में अमरिया और कलीनगर दो नई तहसीलें बनी है। अमरिया तहसील को भी गाड़ी उपलब्ध करा दी गई। गाड़ियों की कमी को लेकर कलीनगर को अभी गाड़ी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। तीन गाडिय़ों की डिमांड की गई है। गाड़ियों के मिलने पर समस्या दूर होगी। 
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-ब्रहम्मानंद दुबे, सीएफओ
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