पीलीभीत। शारदा नदी पार के टाटरगंज से लेकर लखीमपुर जिले की सीमा तक पड़ने वाला पीलीभीत का जंगल पिछले कई वर्षों से लखीमपुर की संपूर्णानगर रेंज के हवाले है। निगरानी के कोई खास इंतजाम न होने के चलते यह बेशकीमती जंगल नष्ट होता जा रहा है। यहां वन्यजीवों का शिकार भी हो रहा है, मगर स्थानीय वन अफसर अपने ही जंगल को लेने से कतरा रहे हैं।
शारदा नदी के पार टाटरगंज से लेकर जनपद सीमा तक कई किलोमीटर लंबे क्षेत्र में पड़ने वाला जनपद का जंगल नष्ट होता जा रहा है। वर्ष 1995 में शासन ने शासनादेश जारी कर यह तय कर दिया था कि जनपद सीमा में पड़ने वाला जंगल जनपद के ही वन प्रभाग में रहेगा। इसी के चलते उत्तराखंड क्षेत्र के खटीमा तक पड़ने वाला जंगल पीलीभीत वन प्रभाग से उत्तराखंड को ट्रांसफर कर दिया गया। जिसमें महोफ रेंज की सीमा से सटे सुरई रेंज भी शामिल थी। उस दौरान लखीमपुर जनपद की सीमा तक पड़ने वाला जंगल पीलीभीत को देने की बात कही गई, मगर स्थानीय वन अफसरों ने उस दौरान यह कहकर उक्त जंगल क्षेत्र लेने से इंकार कर दिया था कि उनके पास अभी स्टाफ की कमी है। इसलिए उक्त जंगल क्षेत्र की निगरानी सही ढंग से नहीं हो सकेगी। इसी के चलते टाटरगंज से लेकर लखीमपुर सीमा तक का जंगल लखीमपुर जिले की संपूर्णानगर रेंज के हवाले है। हालांकि दो वर्ष पूर्व अफसर शाहजहांपुर वन प्रभाग का 1736.90 हेक्टेयर जंगल भी जनपद में शामिल कर चुके हैं।
देखभाल न होने से शीशम के जंगल का हो रहा सफाया
उक्त जंगल क्षेत्र से पीलीभीत वन प्रभाग द्वारा हाथ खींचे जाने के बाद संपूर्णानगर रेंज के वनकर्मी उसकी निगरानी कर रहे हैं। उनको यह उम्मीद थी कि एक न एक दिन यह जंगल पीलीभीत वन प्रभाग के हवाले हो जाएगा, इसीलिए उन्होंने भी इसकी सुरक्षा पर कोई खास ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह निकला कि उक्त जंगल क्षेत्र का विनाश शुरू हो गया। वर्तमान में जंगल मैदानी क्षेत्र में बदलता जा रहा है। शारदा नदी पार क्षेत्र में न केवल शीशम के जंगल का सफाया हो रहा है, बल्कि वन्य जीवों का शिकार भी हो रहा है।
शारदा पार नई रेंज बनने से बढ़ेगा जंगल क्षेत्र
अब पीलीभीत का जंगल टाइगर रिजर्व घोषित हो चुका है। इससे वन कर्मियों को काफी बल भी मिला है। वन्य जीवों की सुरक्षा के अधिकार भी बढ़े हैं, लेकिन इन सबके बावजूद पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन अपने उक्त जंगल क्षेत्र को लेने का साहस नहीं जुटा पा रहा है जबकि शारदा नदी के पार टाइगर रिजर्व की पूरी रेंज बनाई जा सकती है जो नेपाल सीमा तक वन्य जीवों की सुरक्षा भी कर सकती है।
शारदा नदी के पार पूरनपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत टाटरगंज से लेकर जनपद सीमा तक पड़ने वाला आरक्षित वन क्षेत्र नार्थ खीरी वन प्रभाग की देखरेख में है। नार्थ खीरी की ही संपूर्णानगर रेंज उसकी जिम्मेदारी संभालती है। वर्ष 2018 में शाहजहांपुर वन प्रभाग का 1736.90 हेक्टेयर वन क्षेत्र पीटीआर में शामिल किया गया है। शारदा पार क्षेत्र के जंगल क्षेत्र के हस्तांतरण के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व