निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारी।
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। निजीकरण प्रस्ताव के खिलाफ पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों का रोष बढ़ता ही जा रहा है। कई दिनों से रोजाना तीन घंटे का कार्य बहिष्कार करने वाले पावर कॉरपोरेशन कर्मचारियों ने सोमवार को पूरे दिन कार्य बहिष्कार कर दिया। गुस्साए कर्मचारियों ने निजीकरण के फैसले को उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के लिए हानिकारक बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है। इधर, कामकाज ठप होने से कार्यालय पहुंचे उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर पर कर्मचारी सुबह करीब 10 बजे अधीक्षण अभियंता कार्यालय में एकत्रित हुए। यहां पूरे दिन काम न करने का निर्णय लिया गया। सभा के दौरान पावर कॉरपोरेशन के एक्सईएन असीम कुमार ने कहा कि निजीकरण और फ्रेंचाइजी के जरिए निजी क्षेत्र को विद्युत वितरण सौंपने का प्रयोग उत्तर प्रदेश में नया नहीं है। ग्रेटर नोएडा और आगरा में भी पहले ऐसा किया गया था जो कि विफल रहा। अब फिर से सरकार निजीकरण करने का प्रयास कर रही है, जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जेई जहांगीर आलम ने कहा कि निजीकरण से बिजली व्यवस्था गड़बड़ाना तय है। निजीकरण से न तो कर्मचारियों को कोई लाभ होगा, न ही उपभोक्ता को। सरकार को निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेना चाहिए। इस मौके पर ज्ञानेंद्र सिंह, अतुल कुमार, दीपेश प्रताप सिंह, हरीशंकर आदि मौजूद थे।
बीसलपुर में भी काम ठप किया
बीसलपुर। प्रांतीय आवाहन पर यहां पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारी सोमवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले गए। एसडीओ आनंद बाबू ने बताया कि यह कार्य बहिष्कार पूर्वांचल विद्युत वितरण खंड का निजीकरण किए जाने के विरोध में किया गया है। इस दौरान विद्युत कार्यालय आने वाले उपभोक्ताओं को मायूस होकर लौटना पड़ा।