शहर विधायक को ज्ञापन सौंपते विद्युत मजदूर पंचायत के पदाधिकारी।
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। निजीकरण के विरोध में पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों का प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक अधीक्षण अभियंता कार्यालय में कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति बनाई है।
एक्सईएन असीम कुमार निगम ने कहा कि निजीकरण का प्रस्ताव कर्मचारियों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए ही नुकसानदायक है। इससे समस्या कम होने के बजाय बढ़ेगी। जेई जहांगीर आलम ने कर्मचारियों से एकजुट रहने की अपील की। कहा कि सरकार का ये कदम निजी क्षेत्र को फायदा पहुंचाने जैसा है। निजी कंपनी लागत से कम मूल्य पर किसी उपभोक्ता को बिजली नहीं देगी। किसानों, गरीबी रेखा के नीचे और 500 यूनिट प्रति माह बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को पावर कॉरपोरेशन लागत से भी कम मूल्य पर बिजली देता है। निजीकरण के बाद स्वाभाविक तौर पर उपभोक्ताओं को बिजली महंगी मिलेगी। इस मौके पर एसडीओ अतुल कुमार, दीपक नेगी, ज्ञानेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
विद्युत मजदूर पंचायत ने विधायक को सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत। विद्युत मजदूर पंचायत के पदाधिकारियों ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को तीन टुकड़ों में विभाजित करके संपूर्ण विद्युत वितरण का निजीकरण करने के सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया। निजीकरण प्रस्ताव रद्द कराने की मांग की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन शहर विधायक संजय सिंह गंगवार को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में खंडीय अध्यक्ष नरायनलाल कश्यप, विप्लव कुमार, भूपेंद्र कुमार, शंकरलाल, हर्षित, सौरभ कश्यप, ओमकार, ज्ञानेंद्र कश्यप आदि रहे।
अधीक्षण अभियंता कार्यालय में विरोध सभा करते पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारी।- फोटो : PILIBHIT