यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रदेश कार्यकारिणी की हुई बैठक में प्रदेश महामंत्री को शासन द्वारा किए गए निलंबन का विरोध करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए प्रदेश स्तर पर आंदोलन चलाने की रणनीति तय की गई।
प्रदेश महामंत्री हीरेश सरन सक्सेना के निलंबन की जानकारी पर प्रदेश कार्यकारिणी के तमाम पदाधिकारी शुक्रवार सुबह उनके कैंप कार्यालय पहुंचे। यहां हुई बैठक में प्रदेश महामंत्री के निलंबन व शासन की लिपिक विरोधी कार्यप्रणाली के कारण प्रदेश अध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह द्वारा दिए गए त्यागपत्र व लिपिकों के स्थानांतरण पर चर्चा कर रणनीति तय की गई।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे को सर्वसम्मति से नामंजूर कर दिया गया। प्रदेश महामंत्री का किए गए निलंबन का भी विरोध करने का निर्णय लिया गया। आगामी आंदोलन चलाने को प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री को अधिकृत किया गया। प्रदेश पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में उच्च पदों पर आसीन अधिकारी मनमानी कर हिटलरशाही रवैय्या अपनाए हुए हैं। जिस संघ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। जल्द ही प्रदेश भर में लिपिक संवर्ग की एक रैली बुलाने का आह्वान किया गया।
इस मौके पर प्रदेश संरक्षक सीवी यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष वीके सैनी, संजय दीक्षित, प्रदेश संगन मंत्री शैलेष श्रीवास्तव, सुरेश बाल्मीकी, जफर नवाब, प्रदेश कोषाध्यक्ष नाहिद खान, प्रदेश संयुक्त मंत्री मुकेश पांडे, एसके सैनी, देव कुमार, रामबाबू, वासुदेव गंगवार, राजीव सिन्हा, राजेश कुमार समेत प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों ने भाग लिया।