गांव चंदोखा में स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते बच्चे और अभिभावक। ग्रामीण
पूरनपुर। स्कूल का विलय दूसरे गांव के स्कूल में होने के विरोध में शनिवार को चंदोखा स्कूल के बच्चों और अभिभावकों ने शिक्षिका को रास्ते में रोककर प्रदर्शन किया। गांव का स्कूल न खुलने पर दूसरे गांव में बच्चों को भेजने से मना कर दिया। गांव सुखदासपुर में भी स्कूली बच्चों और अभिभावकों ने स्कूल के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। एसडीएम को ज्ञापन देकर बंद किए गए स्कूल को खुलवाने की मांग की।
शनिवार को घुंघचाई क्षेत्र के गांव चंदोखा प्राइमरी स्कूल गेट पर एकत्र हुए स्कूली बच्चों और अभिभावकों ने स्कूल में तैनात रहीं शिक्षिका को दूसरे गांव के स्कूल जाते समय रास्ते में स्कूल के सामने रोककर प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि गांव के स्कूल को ढाई किलोमीटर दूर गांव अजीतपुर बिल्हा में विलय किया गया है। ऐसे में बच्चे दूसरे गांव कैसे प्रतिदिन आवागमन कर सकेंगे।
गांव सुखदासपुर के प्राथमिक स्कूल द्वितीय को तीन किलोमीटर दूर गांव तकिया दीनारपुर के स्कूल में विलय किया गया है। इसके विरोध में शनिवार को गांव के स्कूल के गेट पर एकत्र हुए बच्चों और अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छोटे बच्चों को प्रतिदिन तीन किलोमीटर आवागमन कर स्कूल आना जाना मुश्किल है।
ऐसे में बच्चों को दूसरे गांव के स्कूल में भेजना मुश्किल होगा। प्रदर्शनकारी अभिभावकों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर बंद किए गए स्कूल को खुलवाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में चरन सिंह यादव, संतोष कुशवाहा, श्रीकृष्ण, प्रेम यादव, राजकुमार, हिम्मत सिंह आदि थे। ऑल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल के जिलाध्यक्ष परमजीत सिंह ने डीएम को पत्र भेजकर गलत ढंग से शारदा पार के स्कूलों के युग्मन होने की शिकायत की है।
गांव चंदोखा में स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते बच्चे और अभिभावक। ग्रामीण