पीलीभीत। नगर निकायों में संरक्षित गोवंशों को ठंड से बचाने के लिए अपर जिलाधिकारी राम सिंह गौतम ने अधिशासी अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। कहा गया है कि ठंड से बचाव के पूरे इंतजाम किए जाएं। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
तराई में पड़ रही कड़ाके की सर्दी से जनजीवन के साथ ही पशु-पक्षी भी प्रभावित हैं। ऐसी स्थिति में नगर निकायों में संरक्षित किए गए पशुओं को भी बचाव को लेकर प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अपर जिलाधिकारी राम सिंह गौतम ने स्थायी और अस्थायी गोआश्रय स्थलाें गोवंश को ठंड से बचाने के लिए अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया है।
निर्देश में कहा है कि संबंधित अधिकारी गोआश्रय स्थलों का निरीक्षण करें। पशुओं के संरक्षण के उचित प्रबंध कराए जाएं। ठंड के दौरान गोआश्रय में खिड़की से हवा प्रवेश न करे, इसकी व्यवस्था की जाए। पशुओं को हरा चारा देने के साथ ही देखभाल की उचित व्यवस्था बनाई जाए।
शहरी गोआश्रय स्थलों पर संरक्षित हैं 274 पशु
नगर निकायों में संचालित स्थायी और अस्थायी गोआश्रय स्थलों में 274 पशु संरक्षित हैं। इनमें शहर पीलीभीत नगर पालिका 172, बीसलपुर नगर पालिका 14 गोवंश, पूरनपुर नगर पालिका में 09, नगर पंचायत कलीनगर में 30, नगर पंचायत बरखेड़ा में 04, नगर पंचायत बिलसंडा में 20, नगर पंचायत न्यूरिया हुसैनपुर में 10, नगर पंचायत जहानाबाद में 08, गुलड़िया भिंडारा में 07 गोवंश संरक्षित हैं। यहां बता दें कि पकड़िया नौगवां में एक भी पशु संरक्षित नहीं है।
जनपद की नौ नगर निकायों में करीब 274 पशु संरक्षित किए गए हैं। उनको सर्दी से बचाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं और लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। -राम सिंह गौतम, अपर जिलाधिकारी