वन खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवई नेे कहा कि जंगल में टूरिज्म को साथ नहीं रखना चाहिए। वाहनों और मानव के प्रवेा से वन्यजीवों के स्थल प्रभावित होते हैं। वहीं टाइगर रिजर्व में बाघों की हत्या को गंभीर मामला बताया। कहा कि अगर किसी वन्यजीव की मौत जहर के कारण होती है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी, कर्मचारी उत्तरदायी होंगे।
तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे राज्यमंत्री ने बाइफरकेशन में अमर उजाला से बातचीत में कहा कि टूरिज्म और जंगल को अधिक साथ नहीं रखना चाहिए। खासकर जंगल के कोर एरिया में टूरिज्म नहीं होना चाहिए। जंगल में वाहनों और मानव के प्रवेश से वन्यजीवों खासकर बाघ के वास स्थल प्रभावित होते हैं।
इसके पूर्व बाघों की मौत पर कहा कि शिकारी बाघों की हत्या के लिए पशुओं को मारकर उस पर जहर डाल देते हैं। इसकी वजह से बाघ की मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस तरह की घटनाएं विभाग की लापरवाही का नतीजा है। दोषियों पर कार्रवाई कराई जाएगी। टाइगर रिजर्व में स्टाफ की कमी के बारे में कहा कि स्टाफ की समस्या दूर कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार ने चयन आयोग बनाया है। जल्द ही भर्ती कराई जाएगी।
राज्यमंत्री ने कहा कि