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‘चली गई परधानी, अब का करिहौ’

Wed, 07 Jan 2015 11:48 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
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गांधी स्टेडियम में चल रहे ग्रामश्री मेले में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरे का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला सहकारी बैंक की सभापति लक्ष्मी यादव व विशिष्ट अतिथि सपा जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव ने कवियों का माल्यार्पण कर व पुष्प भेंट कर किया। डॉ. मधु चतुर्वेदी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कवि सम्मलेन का आगाज किया। संचालन कवि डॉ. राहुल अवस्थी ने किया।
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लोक गीत व अवधि कवि प्रमुख कवि डा. फारुख ‘सरल’ की इस रचना ने लोगों को लोटपोट कर दिया-
बताओ रमजानी, अब का करिहौ।
चली गई परधानी, अब का करिहौ।।
कवि/शायर मध्यम सक्सेना ने कहा-
जिनके चरणों में हर तीरथ हर धाम दिखाई देता है।
वो राधा जब दर्पण देखे घनश्याम दिखाई देता है।
रचित दीक्षित ने कुछ इस तरह कहा कि-
बात हर एक तो अब मैं नहीं कहने वाला।
तुम्हारे कहने से भी मैं नहीं आने वाला।।
आगे बढ़ना है तो लहरों को जीतना होगा।
तेरे हिसाब से दरिया नहीं बहने वाला।।
मधु चतुर्वेदी की इस रचना को भी खूब दाद मिली-
न खुद को जीत पाएं वो सिकंद्र हो नहीं सकता
बिना अभ्यास के कोई धुरंधर हो नहीं सकता
नैनीताल से आईं गौरी मिश्रा ने कहा-
जब बंदगी करती हूं, तो खुदा से कहती हूं
ऐ खुदा तू माफ करना
तेरा नाम मैं भुला के,
उसका नाम ले रही हूं
संचालन कर रहे डॉ. राहुल अवस्थी कहा-
जो जैसा जिस काबिल था उसकों उस घाट उतारा है।
गोरी को पृथ्वी ने उसके घर में जाकर मारा है।।
काशीपुर से आए डॉ. मनोज आर्य ने कहा-
फितरत हैं ये तुम्हारी, फिर तल्खियां बढ़ा दी।
मजहब की सियासत ने उन्माद को हवा दी।
कवि सम्मेलन में धरेंद्र सिंह, रंचना बहन, पंकज मिश्रा, मोहित, सुशीला आर्या, शक्ति चौहान आदि मौजूद रहे।

हाजी रियाज़ को ग्राम श्री सम्मान
कवि सम्मेलन के दौरान राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद को ग्राम श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। विनोबा सेवा सम्मान से डॉ. मधु चतुर्वेदी व कवि गुरू सम्मान रमेश चंद्र द्विवेदी को प्रदान किया गया। सम्मान प्रदान करने वालों में जिला सहकारी बैंक की सभापति लक्ष्मी यादव, सपा जिलाध्यक्ष आनंद सिंह, उपकृषि निदेशक एके सिंह व अमिताभ अग्निहोत्री शामिल थे।
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