जुमे की नमाज के बाद शुक्रवार को जामा मस्जिद के इमाम शाकिर रजा खान के
नेतृत्व में पैगंबर साहब पर की गई टिप्पणी के विरोध में जुलूस निकालकर
विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसओ को
सौंपा।
बीच वाली मस्जिद से निकाले गए विरोध जुलूस में एक ही समुदाय के
तमाम लोग शामिल हुए। इसमें शामिल लोग पैगंबर साहब पर अभद्र टिप्पणी करने
वाले कमलेश तिवारी को फांसी देने की मांग कर रहे थे। जुलूस में लोग स्लोगन
लिखी तख्ती लेकर चल रहे थे।
थाने के निकट जुलूस को संबोधित करते हुए नगर
पंचायत चेयरमैन एजाज अहमद ने कहा कि कमलेश तिवारी द्वारा की गई टिप्पणी से
मुस्लिम समुदाय में रोष है। हमारा संविधान व कानून किसी की धार्मिक भावनाओं
को ठेस पहुंचाने की इजाजत नहीं देता है। जो व्यक्ति मुस्लिमों के प्यारे
नवी -ए-करीम के बारे में गलत टिप्पणी करे।
उसकी सजा फांसी होनी चाहिए।
मौलाना शाही इमाम शाकिर रजा ने कहा कि जहां हिंदुस्तान को हिंदू मुस्लिम
एकता का प्रतीक माना जाता है। वहीं ऐसे लोग आपस में धार्मिक भावनाओं को ठेस
पहुंचाकर दूरियां बनाने का काम कर रहे हैं।
जुलूस में हाफिज समीउल्लाह,
हाफिज रफीउल्ला कारी, जहूर अहमद, हाफिज इरशाद, शकील कुरैशी, फुरकान मिर्जा,
इमरान, नूर खान, आदिल खान, राजिक यार, नईम अख्तर आदि शामिल रहे।
बिलसंडा।
पैगंबर हजरत पर टिप्पणी करने के विरोध में मुस्लिम समुदाय ने हिंदू महासभा
के अध्यक्ष कमलेश तिवारी के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की और पुतला दहन
किया साथ ही राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसओ को दिया।
शुक्रवार को
जुमे की नमाज के बाद लोग थाना चौराहे पर जमा हुए। कमलेश तिवारी के खिलाफ
नारेबाजी कर कठोर जा देने की मांग की। इसके बाद पुतले का दहन कर विरोध
जताया।
प्रदर्शन कर पुतला फूंकने वालों में हाजी शमशुद्दीन, फिरोज खां,
मोहम्मद जाहिद आलम, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद बुंदन, मोहम्मद जीशान, नफीस,
नईम, रियाजुद्दीन, हाफिज कारी, मोहम्मद फईम, मोहम्मद रेहान, नवीउल्ला खां,
मोहम्मद इकबाल, नन्हें सहित कई लोग थे।