पीलीभीत। आम तौर पर बुजुर्गों में होने वाली अल्जाइमर (भूलने की बीमारी) की समस्या अब युवाओं को भी परेशान करने लगी है। चिकित्सकों के अनुसार काम का अधिक तनाव युवाओं को भूलने की समस्या से पीड़ित कर रहा है। ऐसे में बुजुर्गों के साथ 30-40 साल के युवा भी समस्या को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
अल्जाइमर की समस्या अब युवाओं में भी सामने आने लगी है। काम के दबाव के चलते वे कई बार अपनी काफी जरूरी बातों को भूल जाते हैं। शुरू-शुरू में तो ऐसा होने पर समस्या को नजरअंदाज कर देते है, लेकिन धीरे-धीरे समस्या, बीमारी का रूप ले लेती है।
मनोचिकित्सक डॉ. पल्लवी सक्सेना ने बताया कि यह मानसिक रोग है। इसमें लोगों की धीरे-धीरे याददाश्त चली जाती है। ऐसी समस्या 60 साल से अधिक लोगों में अधिक होती है, लेकिन अब 30-40 साल के लोगों में भी यह लक्षण मिल रहे हैं। बताया कि बीमारी में लोग समय, स्थान, लोगों के चेहरे आदि भूलने लगते हैं। हाइपरटेंशन और मधुमेह के रोगियों में अल्जाइमर होने की आशंका ज्यादा रहता है।
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हर माह पहुंचते है सात से आठ मरीज
मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक कक्ष में हर माह सात से आठ मरीज उपचार कराने के लिए आते है। पहले इसमें अधिकतर बुजुर्ग ही होते थे, लेकिन अब एक-दो युवा भी यहां उपचार के लिए पहुंच रहे है। जिनकी काउंसलिंग की जाती है।
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ये हैं अल्जाइमर के लक्षण
- रात में नींद न आना।
- रखी हुई चीजों को बहुत जल्दी भूल जाना।
- आंखों की रोशनी कम होने लगना।
- छोटे-छोटे कामों में भी परेशानी होना।
- अपने परिवार के सदस्यों को न पहचान पाना।
- डिप्रेशन में रहना, डर जाना।