केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी ने जिलास्तरीय सतर्कता अनुश्रवण समिति की बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।
गांधी सभागार में शनिवार को हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर बीआरएस लेकर प्राइवेट अस्पताल खोल रहे हैं। एक ओर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त सेवा मिलती है, वहीं प्राइवेट अस्पताल मरीजों का आर्थिक शोषण करते हैं। उन्होंने सीएमओ, सीएमएस और डिप्टी सीएमएस की एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए, जो यह तय करेगी कि कोई भी प्राइवेट अस्पताल एक निर्धारित शुल्क से ज्यादा मरीजों से शुल्क न वसूले। उन्होंने सभी प्राइवेट डाक्टरों को बुलाकर फीस तय करने के निर्देश दिए।
उन्होेंने कहा कि यदि कोई सरकारी डाक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस करता है और उसकी शिकायत मिलती है तो उसकी जांच डीएम को भेजें। ताकि ऐसे डाक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस सी तेजी से फैल रहा है। इसको लेकर लोगों को जागरूक करें और गांवों में कैंप लगवाए।
बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने एक सर्जिकल थियेटर, रैबीज इंजेक्शन व घोडों के लिए अस्तबल की मांग की। बैठक में डीएम ओएन सिंह, सीएमओ डॉ ओम चौहान, सीवीओ डॉ. वीके मलिक समेत सभी एमओआईसी मौजूद रहे।
झोलाछापों को ट्रेनिंग दें या प्रैक्टिस बंद कराएं
मेनका गांधी ने बताया कि झोलाछापों की बढ़ती तादाद पर कहा कि झोलाछाप डाक्टरों की सूची ग्राम प्रधान से लें। एमओआईसी ब्लाक लेबिल पर लिस्ट तैयार करें और एक माह के भीतर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि यदि झोलाछाप डाक्टर ट्रेनिंग योग्य है तो उसे ट्रेनिंग कराए अन्यथा उसकी प्रैक्टिस बंद करा दें।
प्रत्येक माह गरीबों के लिए लगे मेडिकल कैंप
केन्द्रीय मंत्री गांधी ने महिलाओं के लिए स्वास्थ्य कार्ड बनाने को कहा ताकि साल में एक बार उसका फ्री चेकअप हो सके। साथ ही प्रत्येक ब्लाक में माह की पहली तारीख को मेडिकल कैंप लगाकर गरीबों का इलाज करने के निर्देश दिए।