पीलीभीत। जिला कारागार मेें एनडीपीएस एक्ट में निरुद्ध बुजुर्ग बंदी के सीने में अचानक दर्द उठा। जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी रास्ते में मौत हो गई। जेल प्रशासन ने परिवार वालों को सूचना देने के बाद मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। गजरौला थाना क्षेत्र के मुड़ैला गांव निवासी 70 वर्षीय डोरीलाल पुत्र गिरधारी को गजरौला पुलिस ने वर्ष 1998 एनडीपीएस एक्ट में जेल भेजा था। जिला कोर्ट ने उसे दस साल की सजा सुनाई थी। परिवार वालों ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील की तो हाईकोर्ट ने उस समय तो जमानत दे दी थी। मगर, जमानत पर छूटने के बाद वह एक बार भी तारीख और पेशी पर नहीं आया। इसके बाद हाईकोर्ट ने सीजेएम कोर्ट से आरोपी को अग्रिम आदेश आने तक जेल भेजने को कहा। कोर्ट से आदेश होने के बाद गजरौला पुलिस ने 12 अगस्त 2020 को बुजुर्ग को उसके घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद परिवार वाले दोबारा से उसकी जमानत कराने की परैवी में जुट गए थे।
रविवार सुबह अचानक बैरक में बुजुर्ग बंदी के सीने में दर्द उठा। जेल के डॉक्टरों ने उसका चेकअप किया। डॉक्टरों ने हार्टअटैक का केस बताकर उसे ऑक्सीजन पर रखने के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बुजुर्ग बंदी की जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। जेल प्रशासन ने बुजुर्ग बंदी के परिवार वालों को घटना की सूचना दी। इंस्पेक्टर कोतवाली श्रीकांत द्विवेदी ने बताया कि जेल में तबीयत बिगड़ने से बंदी की मौत की सूचना मिली है। उसका शव पोस्टमार्टम को भिजवा दिया गया है।