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Pilibhit News: धान खरीद की तैयारियां तेज, किसानों के लिए गांवों के नजदीक खुलेंगे क्रय केंद्र

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पीलीभीत। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीद को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को गांधी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान खरीद प्रक्रिया पूरी तरह समयबद्ध, पारदर्शी और किसान हितैषी होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर धान क्रय केंद्र खोले जाएं ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
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बैठक में जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा ने बताया कि धान खरीद की समय-सारिणी के अनुरूप सभी तैयारियां की जा रही हैं। धान क्रय केंद्रों की सूची तैयार कर अनुमोदन की प्रक्रिया चल रही है। कृषि विभाग से धान उत्पादन के वार्षिक आंकड़े प्राप्त हो चुके हैं तथा राइस मिलों की मशीनरी, कुटाई क्षमता, मंडी समिति लाइसेंस, जीएसटी एवं एफएसएसएआई लाइसेंस का सत्यापन कराया जा रहा है।
बैठक में राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने कहा कि जिले के राइस मिलर्स को उनकी क्षमता के अनुरूप सरकारी धान कुटाई का कार्य नहीं मिल पाता है। उन्होंने जनपद का धान खरीद लक्ष्य 35 लाख कुंतल तक बढ़ाने की मांग रखी। इस पर जिलाधिकारी ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को शासन स्तर पर पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई कराने के निर्देश दिए।
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राइस मिलर्स ने सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) के भंडारण को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि डिपो में स्टोरेज क्षमता बढ़ाई जाए तथा जिले के बाहर से आने वाली रेल रैक पर रोक लगाई जाए, जिससे धान खरीद के दौरान भंडारण संबंधी समस्या न उत्पन्न हो। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में महाप्रबंधक भारतीय खाद्य निगम, लखनऊ को पत्र भेजा जाएगा।
बैठक में मिलर्स ने यह मुद्दा भी उठाया कि पीसीएफ द्वारा धान कुटाई में सूखन (ड्रायेज) का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वहीं वर्ष 2025-26 की धान कुटाई, प्रोत्साहन राशि और अन्य मदों का भुगतान भी अब तक किसी एजेंसी से प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर संबंधित जिला प्रबंधकों ने बताया कि भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और पोर्टल पर विकल्प उपलब्ध होते ही सभी लंबित भुगतान कर दिए जाएंगे।
उन्होंने मंडी समिति के सचिवों को किसानों के पंजीकरण और धान खरीद योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश भी दिए। समाचार पत्रों, रेडियो, टेलीविजन, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा मंडी यार्ड, तहसील, कलेक्ट्रेट और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बड़े फ्लेक्सी बैनर लगाकर किसानों को धान खरीद की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। संवाद
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