किसान काट रहे चक्कर
बकाया भुगतान मिलने की उम्मीद में किसान अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने के साथ ही लगातार शिकायतें भी करते रहे हैं। इसके बावजूद भुगतान का मामला लंबित रहने से उनकी मुश्किलें कम नहीं हो सकीं। किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा राजनीतिक स्तर पर भी उठता रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रदर्शन कर प्रशासन से भुगतान कराने की मांग की थी।
मामले में उच्च न्यायालय की ओर से भी आख्या मांगी गई थी। इसके बाद प्रशासन ने बकाया वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी है। बीसलपुर एसडीएम नागेंद्र पांडेय ने बताया कि किसानों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शासन के निर्देशों और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए वसूली की कार्रवाई शुरू कराई गई है। इसके तहत चीनी मिल की अचल संपत्ति चिह्नित की जा रही है। कुर्की की कार्रवाई के लिए तहसील की राजस्व टीम को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
भुगतान नहीं किया तो होगी नीलामी
एसडीएम ने बताया कि प्रशासन की कार्रवाई का अगला कदम मिल प्रबंधन के रुख पर निर्भर करेगा। यदि मिल प्रबंधन ने जल्द बकाया रकम जमा नहीं की तो कुर्क की गई संपत्ति की नीलामी के माध्यम से वसूली की जाएगी। इससे किसानों के लंबे समय से लंबित भुगतान का रास्ता खुलने की उम्मीद है। हालांकि, किसानों को उनकी पूरी बकाया रकम कब तक मिल पाएगी, यह मिल प्रबंधन की ओर से भुगतान और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।