बीसलपुर के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज देखते डॉक्टर।संवाद
पीलीभीत। जिले के सरकारी अस्पतालों में रविवार को आयोजित हुए मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले और आयुष्मान भव मेले में काफी अव्यवस्थाएं रहीं। बीसलपुर में महिला डॉक्टर, नेत्र परीक्षण अधिकारी, लैब और एक्सरे टेक्नीशियन के न होने के कारण अधिकतर मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। वहीं पीलीभीत में नौगवां पकड़िया पीएचसी में पीने का पानी सहित अन्य मूल सुविधाओं का अभाव रहा।
बीसलपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित आयुष्मान भव मेले में डॉ. चंदन सिन्हा ने 103 मरीज देखे और उन्हें दवाई दिलवाई। मेले में महिला डॉक्टर, नेत्र परीक्षण अधिकारी, लैब और एक्सरे टेक्नीशियन के न होने के कारण अधिकतर मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. आशीष अग्रवाल और डॉ. सविता विद्यार्थी ने 49 मरीज देखे। फार्मासिस्ट अमित सिंह ने मरीजों को दवाई बांटी। इस मेले में नेत्र परीक्षण अधिकारी के न होने से नेत्र रोगियों को निराश होकर लौटना पड़ा।
पूरनपुर सीएचसी में आयुष्मान भव मेले के दौरान चिकित्सक और सभी कर्मचारी सुबह ही अस्पताल में बैठ गए। 320 मरीज पहुंचे। अधिकतर बुखार, जुकाम और दाद-खुजली से परेशान थे।
बिलसंडा सीएचसी में महिला चिकित्सक न होने की वजह से गर्भवती महिलाओं को मायूस होकर लौटना पड़ा। 28 मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।
अमरिया सीएचसी में मेले के दौरान 24 मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। यहां जिलाधिकारी ने स्वयं पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अस्पताल में तैनात दोनों चिकित्सक समय से अस्पताल में बैठे मिले।