पीलीभीत। विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता मिलने पर मरौरी ब्लाॅक की ग्राम पंचायत बिथरा के प्रधान के अधिकार सीज किए गए है। सचिव व इंजीनियर को भी दोषी माना गया है। दोनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। ग्रामीण की शिकायत पर 5.23 लाख की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। मरौरी ब्लॉक के गांव बिथरा के अखिलेश शर्मा व दशरथ लाल ने डीएम से शपथपत्र पर शिकायत की थी। आरोप लगाया कि प्रधान छत्रपाल ने वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान हुए निर्माण कार्यों में हेरफेर किया। इसमें पांच लाख 23 हजार 154 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई।
नाली और सीसी रोड निर्माण में मिस्त्रियों और श्रमिकों को उनके हक की राशि नहीं दी गई। तथ्यों को छिपाने के उद्देश्य से मस्टर रोल, स्टीमेट और बिल-वाउचर जैसे अनिवार्य दस्तावेज या तो गायब कर दिए गए या तैयार ही नहीं किए गए। इसके अतिरिक्त आठ हजार की धनराशि को कैशबुक में दर्ज किए बिना ही सीधे गबन कर लिया गया।
डीएम के आदेश में प्रधान, सचिव अमित श्रीवास्तव, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता मनोज कुमार और नरेंद्र कुमार जैसल को भी 10 हजार 87 रुपये और 12 हजार 348 रुपये की अधिक एमबी करने में दोषी माना गया है। गांव के विकास कार्यों के लिए बीडीओ को तीन दिन में तीन सदस्यीय समिति गठित करने का आदेश दिया गया है। संवाद