पीलीभीत। बिलसंडा के फिरसहा चुराह के प्रधान के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में मंगलवार को प्रधानों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि खुद को बचाने के लिए एसडीएम ने प्रधान पर मुकदमा दर्ज कराया है। प्रधानों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मुकदमे से नाम हटाने की मांग की।
बिलसंडा के फिरसहा चुराह में रास्ते की जमीन पर पंचायत घर बनाने के मामले में एसडीएम बीसलपुर को हाईकोर्ट ने तलब किया था। इसके बाद गांव के प्रधान महेश कुमार पर पंचायत घर के निर्माण के मामले में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। मुकदमे को लेकर प्रधानों में खासा रोष है। कार्रवाई से नाराज प्रधानों ने 19 जनवरी को बैठक कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा था।
कोई कार्रवाई न होने पर मंगलवार को बिलसंडा क्षेत्र से बढ़ी संख्या मे प्रधान कलक्ट्रेट पहुंचे। विरोध जताते हुए मुकदमे को वापस लेने की मांग की। प्रधानों ने कहा कि मनरेगा का आठ लाख रुपये बीडीओ ने निकाला था। हाईकोर्ट में मुकदमे में खुद प्रधान वादी है इसके बावजूद उन्हें गलत ढंग से फंसाकर दबाव बनाया जा रहा है।
प्रधानों का आरोप था कि मनरेगा से आठ लाख के भुगतान के जिम्मेदार अफसरों के नाम रिपोर्ट में शामिल नहीं किए गए हैं। इस दौरान प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष सत्यपाल शर्मा, धर्मेंद्र सिंह चौहान ब्लॉक अध्यक्ष सचिन गंगवार, संजीव प्रताप सिंह, संजीव अवस्थी, महेंद्र कुमार, सुखपाल, लज्जावती, रेनू देवी, ममता देवी, राजेन्द्र प्रसाद, अनुपम आदि मौजूद रहे।
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इन लोगों पर दर्ज हुआ है मुकदमा
फिरसहा चुर्राह गांव में पंचायत घर निर्माण के मामले में लेखपाल रामस्वरूप, पूर्व प्रधान मंजीत सिंह, मौजूदा प्रधान महेश कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी इरफान, राजकुमार, केपी सिंह व तकनीकी सहायक अरुण कुमार मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जिन कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज हुई है इनको 8.85 लाख रुपये खर्च कर पंचायत घर निर्माण में दोषी पाया गया है।