गन्ना सट्टा प्रदर्शन में जानकारी देते अधिकारी। स्रोत विभाग।
पीलीभीत। गन्ना समिति परिसर में चल रहे सट्टा प्रदर्शन मेले में किसानों को जानकारी दी। इस मौके पर शाहजहांपुर से आए प्रगतिशील किसान ने गन्ने की खेती से आय अधिक करने के अपने अनुभव किसानों से साझा किए।
गन्ना समिति परिसर में समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शनी मेले का आयोजन हो रहा है। इसमें किसानों को गन्ने की उपज सहित आय अधिक करने की जानकारी और समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। मंगलवार को शाहजहांपुर से आए प्रगतिशील किसान कौशल मिश्रा ने बताया कि गन्ने की अधिक पैदावार के लिए जरुरी है उन्नतिशील अगेती गन्ना किस्मों का चयन, एक या दो आंख के टुकड़ों से बुवाई, ट्रेंच विधि से पांच फीट की दूरी पर बुवाई एक गन्ने के साथ हमेशा सहफसली अवश्य करें। शरदकालीन गन्ना के साथ आलू की फसल लेने से दोनों फसलों का उत्पादन अधिक होता है। आलू की खुदाई के बाद उसमें प्याज की फसल ले सकते हैं।
प्याज की फसल लेने से गन्ने में कीट और बीमारी का प्रकोप कम होता है। ऐसा करने से किसान की आमदनी दो नहीं तीन गुना बढ़ सकती है। कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल ने किसानों को रबी फसलों की बुवाई और उन पर मिलने वाले अनुदान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जो किसान भाई तोरिया की बुवाई करना चाहते हैं, उनको कृषि विभाग द्वारा मिनी किट निशुल्क दी जाएगी। जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने बताया कि विभाग गन्ने का उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इसके लिए पूरे जिले में मुख्यमंत्री गन्ना प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा।