गरीबों के घरों में रोशनी और स्टोव से खाना बनाने समेत विभिन्न कार्यों में प्रयोग होने वाले केरोसिन के आवंटन में शासन ने बड़ी कटौती की है। लगभग 25 प्रतिशत कटौती होने से अब राशन कार्ड धारकों मात्र दो से डेढ़ लीटर केरोसिन की मिलेगा। साथ ही 50 पैसे प्रति लीटर प्रति माह की बढ़ोत्तरी भी की जाएगी।
जिले के नगरी क्षेत्र में 1.04 लाख और ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 3.64 लाख राशन उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को अब तक दो से तीन लीटर प्रति कार्ड प्रति माह केरोसिन वितरित किया जाता था जिसके लिए जिले को 11.88 लाख लीटर आंवटित होता था। लेकिन अब शासन ने इसमें लगभग 25 प्रतिशत की कटौती कर दी है। जिले को अब मात्र 9.24 लाख लीटर केरोसिन का ही आवंटन किया जाएगा जो पहले से 2.64 लाख लीटर कम है। पूर्व में राशन कार्ड धारकों को क्षेत्र में राशन कार्ड धारकों की संख्या के अनुसार दो से तीन लीटर तक प्रति कार्ड केरोसिन उपलब्ध होता था। अब आवंटन में कटौती से कार्ड धारकों को मात्र दो से डेढ़ लीटर तक केरोसिन ही मिल सकेगा। केरोसिन की मात्रा में कटौती के साथ ही सरकार ने इसके दामों में भी प्रति पखवाड़ा 25 पैैसे प्रति लीटर अर्थात प्रतिमाह में 50 पैसे प्रति लीटर बढ़ोत्तरी के आदेश भी किए हैं। इसके अनुसार अक्तूबर माह में ग्रामीण क्षेत्र के राशन उपभोक्ताओं को 16.79 रुपये से 16.93 रुपये और शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 17.95 रुपये से 18.10 रुपये प्रति लीटर तक खर्च करने पड़ेंगे।
शासन ने पूरे प्रदेश में केरोसिन के आवंटन में कटौती की है। कटौती के अनुसार केरोसिन का क्षेत्रवार आवंटन जारी कर दिया गया है। उपभोक्ताओं को अब पहले से कम केरोसिन मिलेगा।
रमन मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी