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कोरोना संकट काल में शादी अनुदान पर भी लग गया ग्रहण

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सामूहिक विवाह आयोजन का फाइल फोटो। - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। कोरोना संकटकाल में बेटियों की शादी के लिए सरकारी मदद मिलने की उम्मीदों को ग्रहण लग गया है। गरीब परिवार हर साल सरकारी अनुदान की मदद से बेटियों के हाथ पीले करते थे। मगर, इस बार कोरोना के चलते शासन स्तर से शादी अनुदान पर लगी रोक अभी हट नही पाई है। बिना बजट अब तक सामूहिक शादियां नहीं हो सकीं हैं। कोरोना केस लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सामूहिक शादियां कब शुरू होंगी, इस पर अभी शासन की गाइडलाइन तय नहीं है। आगे भी मुख्यमंत्री सामूहिक योजना में विवाह होना मुश्किल है।
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योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गरीब परिवारों को बेटी की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चलाई गई। इससे पहले भी गरीब बेटियों की शादी के लिए 20 हजार रुपये तक का सरकारी अनुदान दिया जाता था। मगर, इस बार कोरोना ने सब कुछ छीन लिया। साल की शुरुआत में जबसे कोरोना ने दस्तक दी, तबसे शासन ने शादी अनुदान का बजट ही बंद कर दिया। उसके बाद से समाज कल्याण विभाग को सामूहिक शादियां कराने के बारे में शासन की कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुई।
शादी अनुदान की चाह में ब्लॉक से लेकर जनपद मुख्यालय तक तमाम गरीब पिता चक्कर लगाते रहे, मगर जब अनुदान पर रोक लगने का पता लगा तो बहुत से परिवारों ने शादी अनुदान के आवेदन करने से भी हाथ खींच लिए। हालांकि अनलॉक-5 की शुरुआत कर सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास कर रही है।
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सामूहिक शादी में 51 हजार का अनुदान
किसी भी पात्र के मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आनॅलाइन आवेदन करने के बाद आवेदक को निजी अनुदान के तौर पर 20 हजार रुपये मिलते हैं, जबकि सामूहिक विवाह में 51 हजार रुपये। साल 2019 में करोड़ों रुपये शादी अनुदान के तौर पर दिए गए थे। एससी कोटे में 1635 बेटियों की शादी पर 3.27 करोड़ रुपये जबकि सामान्य जाति वर्ग की 827 बेटियों को 1.65 करोड़ रुपये अनुदान के तौर पर दिए गए। समाज कल्याण विभाग की ओर से पिछले साल सामूहिक विवाह समारोह भी आयोजित किए गए थे। एक आयोजन में मुड़िया न्यूरानपुर में मुख्यमंत्री स्वयं बेटियों को आशीर्वाद देने आए थे। इस सामूहिक आयोजन में 580 बेटियों की शादी कराई गई थी। 4.33 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। मगर, इस बार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में कोरोना के चलते शासन से किसी भी तरह का कोई बजट नहीं आया है।
इस तरह खर्च किए जाते हैं 51 हजार
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार शादी के लिए कन्या को 51 हजार रुपये की आर्थिक मदद देती है। जिसमें 35 हजार रुपये सीधे पात्र के खाते में भेजे जाते हैं। 10 हजार रुपये शादी के सामान पर खर्च होते हैं, जबकि बाकी छह हजार रुपये शादी समारोह के आयोजन के इंतजाम पर। इस मदद से गरीब परिवारों को काफी राहत मिलती है।
इस वित्तीय वर्ष में शादी अनुदान का कोई बजट नहीं मिला है। शासन स्तर से बजट पर रोक लगी हुई है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शासन की गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। न ही कोई सामूहिक विवाह का आयोजन प्रस्तावित है। - प्रकाश पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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