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हवा चलने से घटा प्रदूषण, 110 पर आया वायु गुणवत्ता सूचकांक

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पीलीभीत। वायु प्रदूषण झेल रहे तराई के इस जिले में दो दिन से सुधार देखा जा रहा है। रविवार की रात हुई हल्की बारिश और अनुकूल बह रही हवा से धूल (पीएम 2.5) के स्तर में गिरावट दर्ज की गई। इस कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 100-110 के आसपास आ गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि बारिश और हवा का स्तर यही रहा तो और भी सुधार आएगा अन्यथा दो-तीन दिन में गुणवत्ता सूचकांक बढ़कर 150 के आसपास पहुंच सकता है।
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कोविड-19 के चलते लागू किया गया लॉकडाउन जिले के पर्यावरण के लिए टॉनिक साबित हुआ था। उस दौरान हवा शुद्ध होने के कारण वातावरण तो साफ सुथरा हुआ ही, बीमारियां भी कम पनपीं। मगर अनलॉक होते ही सड़कें फिर से वाहनों से पट गईं। व्यापारिक गतिविधियां शुरू होने के साथ कारखाने और फैक्ट्रियां भी चालू हो गईं। वाहनों और कारखानों से निकले जहरीले धुएं से जिला एक बार फिर प्रदूषण की चपेट में आ गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, दिवाली से पहले जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 150-180 के बीच रहा था, मगर दिवाली के दिन पटाखों के जहरीले धुएं से शनिवार रात एक्यूआई 300 पार पहुंच गया था। इस बीच रविवार देर रात हुई मामूली बारिश और तेज हवा बड़ी राहत बनकर आई। सोमवार को आसमान एकदम साफ नजर आया। पेड़-पौधों के धूल से सने पत्ते भी चमकते नजर आए। जहां तहां उड़ती धूल से भी छुटकारा मिला। विशेषज्ञों के मुताबिक, सोमवार को एक्यूआई 75-85 के आसपास रहा।
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पर्यावरण में सुधार महज फौरी राहत
समाधान विकास समिति विपनेट क्लब के समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा के मुताबिक, रविवार रात हुई बारिश और हवा से पर्यावरण में पहले की अपेक्षा खासा सुधार देखा गया। मंगलवार को एक्यूआई 100-110 के बीच रहा, मगर प्रदूषण में आया यह सुधार सिर्फ फौरी राहत ही माना जा सकता है। यदि बारिश होती है तो सुधार आएगा अन्यथा आने वाले दिनों में एक्यूआई 150 के आसपास पहुंचने की संभावना है।
बारिश के आसार नहीं, फिर बढ़ सकता है प्रदूषण का स्तर
जिले में हुई बारिश और हवा से पर्यावरण में एक-दो दिन से सुधार देखा जा रहा है। नमी अब भी बरकरार है, मगर धरातल सूखने के बाद फिर से धूल बढ़ सकती है। धूल और धुएं से आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की संभावना है। - डॉ. एसएस ढाका, वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र
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