उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से किसी की आलोचना नहीं कर रहे हैं लेकिन मौजूदा व्यवस्था को लेकर वह बहुत चिंतित हैं। इस देश के लिए हमारे पूर्वजों ने कुर्बानियां दी हैं। जो लोग धर्म की राजनीति करते हैं, उन्हें भगवान श्रीराम से सीखना चाहिए जो सबसे प्रेम करते थे।
संविदा कर्मियों की चिंता
सांसद वरुण गांधी ने कहा कि हर गांव में संविदा कर्मचारी हैं। चाहे वे आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षा मित्र हों या ग्राम प्रहरी। सबकी आर्थिक स्थिति खराब है। सब अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। अपने मानदेय और स्थायीकरण को लेकर चिंताग्रस्त हैं। उनकी जिमेदारी कौन लेगा। उनको और उनके परिवारों को भी सम्मान और खुशहाली से जीने का हक है।