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सिपाहियों ने ड्यूटी से मुंह चुराया तो अफसरों ने दूर भेजकर सबक सिखाया

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पीलीभीत। थानों में तैनात सिपाही ड्यूटी से मुंह चुरा रहे थे। कोतवाली इंस्पेक्टर ने ऐसे ही पांच सिपाहियों पर ड्यूटी का दबाव बनाया तो वे बगावत पर उतर आए। एसपी से इंस्पेक्टर की झूठी शिकायतें करने पहुंच गए। अफसरों ने जांच कराई तो असलियत सामने आ गई। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने एक्शन लेते हुए सिपाहियों को शहर और उसके नजदीक की कोतवाली व थानों से हटाकर दूरदराज के दूसरे थानों में भेज दिया। अन्य 25 पुलिसकर्मियों के भी तबादले किए गए हैं, इनमें कई विवादित बताए गए हैं।
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एसपी अभिषेक दीक्षित की ओर से रविवार रात आठ हेड कांस्टेबल और 22 कांस्टेबल के तबादलों की सूची जारी की गई। अफसर भले ही किए गए इन तबादलों को सामान्य प्रक्रिया बता रहे हो, मगर चर्चा कुछ और ही है। कुछ दिन पूर्व कोतवाली के कुछ सिपाही एसपी के समक्ष पेश हुए थे। इसमें एक महिला सिपाही भी थी। उन्होंने इंस्पेक्टर पर तमाम संगीन आरोप लगाते हुए शिकायत की। मामला विभाग से जुड़ा होने पर अधिकारियों ने इसकी गोपनीय तरीके से पड़ताल कराई तो इंस्पेक्टर पर लगाए गए आरोप गलत निकले। शिकायत करने आए सिपाहियों की लापरवाही जरूर अधिकारियों तक पहुंच गई। यह भी सामने आया था कि सिपाही ड्यूटी से बच रहे थे। इस पर जब इंस्पेक्टर ने इन सिपाहियों से ड्यूटी लेने के लिए सख्त रुख अपनाया तो उनके खिलाफ लामबंद हो गए। इंस्पेक्टर के खिलाफ बगावत भी शुरू कर दी गई। सिपाहियों की ओर से की गई शिकायत के पीछे भी यही वजह निकली। इसके बाद इंस्पेक्टर तो बच गए, मगर अधिकारियों ने सिपाहियों की चल रही गुटबाजी का संज्ञान ले लिया। उधर, सिपाही भी इंस्पेक्टर के खिलाफ डटे हुए थे। ऐसे में किसी दिन कोई नुकसान न हो जाए, इसको लेकर अधिकारी एक्शन लेने का मन बना चुके थे। यह भी तय कर लिया गया कि इन सिपाहियों को अलग-अलग थानों में भेजा जाएगा। बताते हैं कि एसपी की ओर से जारी स्थानांतरण सूची में कोतवाली के इन पांच सिपाहियों का भी नाम है। सभी को देहात के अलग-अलग थानों में भेजा गया है।
सिपाहियों की शिकायत में लगाए आरोप साबित नहीं हुए तो अफसर उनको हटाने को मंथन कर रहे थे। इस बीच सिपाहियों की गुटबाजी बढ़ने लगी। बताते हैं कि दूसरे सिपाहियों को भी भड़काने का काम किया जाने लगा। किसी तरह इसकी भनक भी अधिकारियों को लग गई। पुलिसिंग पर इसका असर न पड़ जाए, इसलिए उन्हें अलग-अलग तैनाती देने का मन बना लिया गया।
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बताते हैं कि इंस्पेक्टर ने सिपाहियों से काम लेने के लिए उनकी फटकार लगाई। गुटबाजी कराने में मुखिया बन रहे कुछ सिपाहियों को कोतवाली से संबंद्घ चल रही यूपी 112 की गाड़ी पर लगा दिया। इसके बाद भी हरकत से बाज नहीं आए। एक दिन कोतवाल ने औचक चेकिंग कराई तो कोतवाली से यूपी 112 पर ड्यूटी करने निकले सिपाही रात को गायब मिले। तलाशा गया तो वे कमरे पर आराम फरमाते दिखाई दिए।
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थानों में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 30 पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए हैं। ये तबादले रूटीन में होते रहते हैं। -अभिषेक दीक्षित, एसपी
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