पीलीभीत। लॉकडाउन का पालन कराने के दौरान हुई अभद्रता के बाद दरोगा की ओर से दी गई तहरीर पर 72 घंटे बाद भी कार्रवाई तो दूर, अब तक मामले की जांच भी शुरू नहीं हो सकी है। उधर इंस्पेक्टर और दरोगा के बीच चल रही खींचतान से विभाग की फजीहत बचाने के लिए पुलिस विभाग की ओर से दरोगा को नेपाल सीमा पर निगरानी के लिए बनाई गई टीम में शामिल कर वहीं उसकी ड्यूटी लगा दी गई।
एसएसआई सुनगढ़ी सतीश चंद बाजपेई ने अपने ही थाने में तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने बताया था कि छतरी चौराहा पर लॉकडाउन का पालन कराने के दौरान सोमवार शाम नौगवां पकड़िया गांव के एक व्यक्ति ने उन पर कार चढ़ाने की कोशिश की। बाद में जब कार रोकी गई तो चालक ने गाली गलौज कर धमकाया। उनकी तहरीर पर संदेह जताते हुए इंस्पेक्टर अतर सिंह ने कार्रवाई नहीं की थी। दरोगा ने एसपी-एएसपी को भी पूरी बात बताई। इसके बाद भी अब तक फिलहाल रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है। न ही दरोगा और कार सवार के बीच विवाद को लेकर इंस्पेक्टर द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब तलाशा जा सका है। इंस्पेक्टर-दरोगा के बीच शुरू हुई खींचतान से पुलिस की फजीहत हो रही थी। ऐसे में मामला दबाने के लिए अधिकारियों ने दरोगा को नेपाल सीमा की निगरानी के लिए गठित की गई स्पेशल टीम में शामिल कर दिया है। हालांकि शुक्रवार को दरोगा की सुनगढ़ी थाने से रवानगी नहीं हुई। पूरे मामले में अधिकारी कुछ बोलने से भी कतरा रहे हैं। उधर, पुलिस लाइन में चल रहे इंस्पेक्टर नरेश कश्यप को डीसीआरबी का प्रभारी बनाया है।