पीलीभीत। बीते माह जेल भेजे गए चार सट्टेबाजों से बरामद रजिस्टर और मोबाइल फोन का गहनता से अध्ययन करने के बाद बड़े नेटवर्क की आशंका के बाद कुछ सुराग भी मिले हैं। रजिस्टरों में दर्ज मोबाइल फोन नंबर और नाम को लेकर 200 संदिग्ध पुलिस की रडार पर आ गए। सट्टे के धंधे में इनकी संलिप्तता को लेकर टीमें पड़ताल में जुटी हैं।
सट्टे की सूचना पर शहर के मोहल्ला शेर मोहम्मद निवासी श्रीकृष्ण चंद्र मिश्रा के घर 21 जुलाई को सीओ सिटी प्रवीण मलिक ने कोतवाली पुलिस के साथ दबिश दी थी। सटोरियों ने पुलिस टीम पर चाकू से हमला किया था। मौके से पुलिस ने श्रीकृष्ण मिश्रा, अमित मिश्रा, मोहल्ला आसफजान निवासी राजा गुप्ता, केसरी सिंह मोहल्ला निवासी रोहित सिंह को जेल भेजा था। उनके पास से 32 हजार रुपये, 10 मोबाइल फोन, दो कैलकुलेटर, 15 रजिस्टर बरामद हुए थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सट्टेबाजों का नेटवर्क जनपद ही नहीं, आसपास के जिलों में भी सक्रिय है। उत्तराखंड के खटीमा, बरेली समेत अन्य इलाकों के भी कुछ नाम और नंबर मिले हैं। 200 संदिग्धों को चिह्नित किया गया है। इधर, चर्चा यह भी है कि जमानत पर छूटने के बाद इनमें से कुछ सटोरिये दोबारा सक्रिय हो गए हैं। सीओ सिटी प्रवीण मलिक ने बताया कि बरामद मोबाइल और रजिस्टरों की गहनता से पड़ताल चल रही है। इसमें मिले नाम-नंबरों की सूची बनाकर छानबीन करा रहे हैं। सट्टे का धंधा किसी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा।