इन सिपाहियों की थानों में पोस्टिंग से लेकर उन्हें भौगोलिक स्थिति समझने में करीब10 दिन लगेंगे। तब तक जिले की सुरक्षा व्यवस्था करीब 30 फीसदी सिपाहियों के भरोसे ही रहेगी। इसके अलावा अंडर ट्रांसफर चल रहे चार थानेदार समेत 24 से अधिक दरोगा भी जल्द रिलीव हो जाएंगे।
आईजी बरेली विजय सिंह मीना ने गृह जनपद की सीमा पर तैनात पुलिसकर्मी व अंडर ट्रांसफर चल रहे दरोगाओं को रिलीव करने के आदेश एसपी को दिए थे, जिसके बाद एसपी ने शनिवार को जिले से बाहरी जिलों के लिए अंडर ट्रांसफर चल रहे 202 सिपाहियों की गश्ती जारी कर कार्यमुक्त करने की तिथि 11 जनवरी तय कर दी है।
बता दें कि जिले में 1,286 सिपाहियों की अपेक्षा 622 सिपाही तैनात थे। इनमें से 202 सिपाही11 जनवरी को रिलीव हो जाएंगे। बाहरी जिलों से करीब 200 सिपाही स्थानांतरित होकर यहां आने हैं, लेकिन इनमे से अभी तक किसी ने भी आमद नहीं कराई है।
420 सिपाही संभालेंगे कानून-व्यवस्था
इंडो-नेपाल सीमा से जुड़े इस जिले में 14 थाने हैं। जिले का अधिकांश भू-भाग जंगलों से जुड़ा हुआ है। वर्तमान समय में आपराधिक घटनाएं भी बढ़ी हैं। वैसे भी पहले से ही जिले में आधे से अधिक सिपाही कम थे। अब 202 सिपाहियों के रिलीव होने से जिले की सुरक्षा का जिम्मा 420 सिपाहियों के कंधे पर होगा।
ट्रांसफर रुकवाने में जुटे दरोगा
स्थानांतरण की सुगबुगाहट पर जिले में कई वर्षों से तैनात दरोगा स्थानांतरण रुकवाने के लिए नेताओं और आला अफसरों के यहां परिक्रमा लगाने लगे है। बीमारी बताकर तीन दिन के अवकाश पर गए जिले के एक दरोगा दो दिन से लखनऊ में डेरा जमाए हैं। एक अन्य दरोगा भी दो दिन का अवकाश लिए हैं।
दूसरे जिलों से करीब 200 सिपाही यहां आने हैं। उनके एक-दो दिन में जिले में आमद दर्ज कराने की सूचना है। सिपाहियों की कमी के बावजूद जिले में कानून व्यवस्था कायम रहे, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। 24 से अधिक दरोगाओं को भी जल्द रिलीव कर दिया जाएगा।
- सोनिया सिंह, एसपी