यूपी बोर्ड
परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने का बहिष्कार कर रहे शिक्षकों को
पुलिस ने मूल्यांकन केंद्र से दूर खदेड़ दिया। इससे नाराज शिक्षक नेता
पुलिस के विरोध में कॉलेज परिसर में धरने पर बैठ गए। शिक्षकों को बाहर करने
के बाद पुलिस की निगरानी में बोर्ड परीक्षा की कापियां जांची गईं।
बोर्ड
परीक्षा का मूल्यांकन कार्य 30 मार्च से शुरू हुआ था। मगर अपने लंबित
मांगों को लेकर शिक्षक नेताओं ने ड्रमंड कॉलेज और जीजीआईसी में मूल्यांकन
कार्य का बहिष्कार करना शुरू कर दिया था। गुरुवार को दोनों मूल्यांकन
केंद्रों पर राजकीय शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य शुरू किया। इस पर शिक्षक
नेताआें ने कापियां जांच रहे शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य न करने की अपील
की।
इसी बीच सीओ सिटी कौशलेंद्र कुमार पुलिस फोर्स के साथ ड्रमंड कॉलेज
पहुंच गए और बहिष्कार कर रहे शिक्षकों को बाहर निकालने लगे। इस पर शिक्षक
नेता आक्रोशित हो उठे। शिक्षक नेताओं और सीओ सिटी के बीच नोकझोंक भी हुई।
आक्रोशित शिक्षक कॉलेज परिसर में धरने पर बैठ गए। शिक्षकों ने मांगें पूरी
होने तक बहिष्कार जारी रखने की चेतावनी दी।
इधर जीजीआईसी में शिक्षक
नेताओं ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसमें माशिसं के जिलाध्यक्ष जगदीश
बाथम, प्रभात कुमार गुप्ता, देवेंद्रपाल गंगवार, रामेश्वर प्रसाद गंगवार,
हरगोविंद शर्मा, वित्तविहीन महासभा के जिलाध्यक्ष विजय कुमार सिंह पाल,
महेंद्रपाल गंगवार, अमित मोहन मिश्रा, भुवनेश कुमार सिंह, नरेंद्र कुमार,
संजय पांडेय आदि शामिल रहे।
मूल्यांकन केंद्र पर पहुंचे डीआईओएस
डीआईओएस
जेके वर्मा ने गुरुवार को ड्रमंड इंटर कॉलेज और जीजीआईसी स्थित मूल्यांकन
केंद्रों का जायजा लिया। उन्होंने उप नियंत्रकों से मूल्यांकन कार्य की
जानकारी ली।
2668 कापियां जांची गईं
ड्रमंड कॉलेज के
प्रधानाचार्य/उपनियंत्रक रामपाल सिंह ने बताया कि मूल्यांकन केंद्र में 172
परीक्षकों द्वारा 1468 कॉपियां जांची गई है। वहीं जीजीआईसी
प्रधानाचार्य/उपनियंत्रक अनीता सिंह ने बताया कि गुरुवार को 1200 कापियां
जांची गई है। करीब 194 परीक्षक मूल्यांकन कार्य में शामिल हुए।
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गुरुवार
से मूल्यांकन कार्य तेजी से शुरू करा दिया गया है। सुरक्षा के लिहाज से
पुलिस भी तैनात कर दी गई है। शिक्षक गुट के एक प्रांतीय नेता ने शुक्रवार
से मूल्यांकन कार्य में शामिल होने की बात कही है।
- जेके वर्मा, डीआईओएस