गांव में आमने-सामने हैं दोनों के घर
कोतवाल संजीव शुक्ला के अनुसार मुख्य आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसका और आशीष का घर गांव में बिल्कुल आमने-सामने है। वह पेशे से वाहन चालक है। वह अक्सर बाहर रहता है। उसके घर पर आशीष का काफी आना-जाना था। ऐसे में उसे शक हो गया कि आशीष के उसकी पत्नी से अवैध संबंध हैं। इसी शक के चलते उसने बीसलपुर नगर में किराए पर एक मकान ले लिया था।
उसके बाद भी आशीष उसके घर आता जाता रहा। तभी उसने आशीष की हत्या करने की योजना बनाई। उसने योजना में अपने चारों मित्रों को शामिल कर लिया। इसके बाद 26 अक्तूबर को योजना के तहत आशीष को पार्टी के बहाने से बुलाया। मोहल्ला पटेल नगर में राजेंद्र कुमार के खंडहरनुमा घर में दावत का कार्यक्रम रखा गया। वहां सभी लोगों ने शराब पी और दावत उड़ाई।
उसके बाद आशीष पर लाठी, डंडों और सरिया से प्रहार करके उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को नहर की पटरी पर फेंक दिया था। कोतवाल ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपियों का चालान कर दिया गया।