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Pilibhit News: बीसलपुर में भाजपा विधायक की आपत्ति पर हटवाया काकोरी एक्शन के नायकों का स्मृति पटल

Mon, 10 Apr 2023 02:09 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

प्रशासन की अनुमति पर बीसलपुर तहसील की दीवार पर जून 2022 में स्वतंत्रता सेनानियों के नाम का शिलापट लगाया था, जिसे भाजपा विधायक विवेक कुमार की आपत्ति के बाद हटा दिया गया। 
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बीसलपुर तहसील - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत में बीसलपुर तहसील की दीवार पर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की स्मृति में लगा शिलापट भाजपा विधायक की आपत्ति पर प्रशासन ने हटवा दिया। जबकि प्रशासन की अनुमति के बाद ही इसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कुंवर भगवान सिंह ग्राम फोरम ने लगवाया था। काकोरी एक्शन के नायक अशफाक उल्ला खां, शचींद्र नाथ बख्शी और रामकृष्ण खत्री के वंशजों ने इसे स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान बताया है।

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कुंवर भगवान सिंह फोरम के संयोजक सुधीर विद्यार्थी ने बताया कि जून 2022 में तत्कालीन जिलाधिकारी पुलकित खरे के अनुमोदन के बाद उनकी संस्था ने स्वतंत्रता सेनानियों के नाम का एक स्मृति पटल बनवाकर तत्कालीन उपजिलाधिकारी ऋषिकांत राजवंशी को सौंपा था। 

उन्होंने वह शिलापट उसी समय तहसील की एक दीवार पर लगवा दिया था। शिलापट कई महीनों तक लगा रहा। इसी बीच जिलाधिकारी पुलकित खरे का तबादला हो गया। इसके बाद उसे हटा दिया गया। इस मामले में उपजिलाधिकारी राजवंशी ने बताया कि बीसलपुर विधायक ने शिलापट पर दर्ज नाम पर आपत्ति की थी। इसलिए उसे हटवा दिया गया।

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डीएम को पत्र लिख जताई आपत्ति 

फिलहाल मुद्दा अब गर्म हो रहा है। काकोरी केस में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले शचींद्र नाथ बख्शी के पुत्र राजेंद्र बख्शी, इसी केस में दस साल की सजा पाने वाले रामकृष्ण खत्री के पुत्र उदय खत्री और एसके वर्धन (आजाद हिंद फौज) के पुत्र उत्पल वर्धन ने संयुक्त पत्र में जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार को पत्र लिखकर इस पर आपत्ति जताई है।

तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विष्णु बाजपेई ने भी जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शिलापट हटाए जाने की कड़ी निंदा की। काकोरी एक्शन के नायक अशफाक उल्ला खां के प्रपौत्र अशफाक उल्ला खां का कहना है कि शिलापट दोबारा नहीं लगा तो संघर्ष होगा।

पूरा प्रकरण कमिश्नर बरेली मंडल की जानकारी में भी लाया गया। उन्होंने डीएम पीलीभीत से रिपोर्ट मांगी है। अफसोसजनक है कि डीएम ने पूरे मामले से अनभिज्ञता जताई है।

विधायक ने दिया ये तर्क 

बीसलपुर से भाजपा विधायक विवेक कुमार ने बताया कि सुधीर विद्यार्थी ने अपने पिता व दो तीन लोगों के नाम शिलापट पर लिखकर अधिकारियों पर दबाव बनाकर इसे लगवा दिया था। करीब एक साल पहले की बात है। तब तत्कालीन डीएम से कहा गया था कि बीसलपुर क्षेत्र के जितने भी स्तंत्रता संग्राम सेनानी हैं, सबके नाम शिलापट पर लिखकर लगवाएं।

डीएम प्रवीण लक्षकार ने बताया कि इस मामले की जानकारी नहीं है, क्या मामला है दिखवाते हैं। जांच कराने के बाद ही बता सकेंगे कि शिलापट्ट क्यों उतारा गया। बीसलपुर एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने कहा कि तहसील की दीवार से स्वतंत्रता सेनानियों का शिलापट लगाए और हटाए जाने के मामले की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने पांच दिन पूर्व ही यहां आकर कार्यभार ग्रहण किया है।
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तत्कालीन एसडीएम बोले- विधायक ने आपत्ति की थी 

एसडीएम पूरनपुर (तत्कालीन एसडीएम बीसलपुर) ऋषिकांत राजवंशी ने कहा कि शिलापट लगाने को लेकर कोई लिखित आदेश नहीं था। वहां के विधायक ने भी आपत्ति की थी। कहा था कि इसमें तहसील क्षेत्र के सभी स्वतंत्रता सेनानियों के फोटो लगवाए जाएं, किसी एक का नहीं। इसको देखते हुए शिलापट को हटवाया गया था।

'विधायक को इतिहास की जानकारी नहीं'

स्वतंत्रता सेनानी कुंवर भगवान सिंह ग्राम फोरम के संयोजक सुधीर विद्यार्थी ने कहा कि विधायक को इतिहास की जानकारी नहीं है। तत्कालीन एसडीएम भी गलत बयानी कर रहे हैं। लिखित आदेश के बाद ही शिलापट लगवाया था। क्षेत्र में ढाई सौ से ऊपर स्वतंत्रता सेनानी हैं। सभी के नाम छोटे शिलालेख में दर्ज करना मुश्किल है। इसीलिए प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों के नाम लिखे गए।
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